IMPAR ने मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, शामली जिले के जिला Co ordinatotrs के नाम की घोषणा की
गुफरान आजाद, मुजफ्फरनगर , शबाना रईस डीसी सहारनपुर और राशिद अली शामली जिले के DC होंगे
सहारनपुर : (एशिया टाइम्स ) इंडियन मुस्लिम फॉर प्रोग्रेस एंड रिफॉर्म्स (IMPAR) ने आज पश्चिमी यूपी के मुजफ्फरनगर, सहारनपुर और शामली जिलों में अपनी 15 सदस्यीय कार्यकारी समितियों की घोषणा की।
इस अवसर पर डॉ. एमजे खान, IMPAR अध्यक्ष ने कहा कि ECs जिला प्रशासन, मीडिया, निर्वाचित प्रतिनिधियों के साथ मिलकर काम करेगा। जिलों में सुधार और आर्थिक सशक्तिकरण के एजेंडे पर सामाजिक और सामुदायिक संगठन, शैक्षणिक संस्थान, प्रमुख ब्यक्तियों व गैर सरकारी संगठनों के साथ भी काम करेंगी।
जागरूकता अभियान, स्वच्छता अभियान और सामाजिक कार्य कार्यक्रम भी आयोजित करेंगे, और समाज में बेहतर समझ पैदा करने और समुदाय की सामाजिक और आर्थिक स्थिति में सकारात्मक बदलाव लाने के अवसरों के साथ उन्हें जोड़ने के लिए Youth for Change Programs (बदलाव के लिया युवा) कार्यक्रमों को भी लांच करेंगे।
IMPAR अपने व्यापक सामुदायिक जुड़ाव के हिस्से के रूप में जमीनी स्तर पर सामाजिक और आर्थिक कार्यक्रमों को निष्पादित करने का इरादा रखता है और तदनुसार 30 जिलों की पहचान की है, जिसमें हरियाणा में 2 जिले, उत्तराखंड में 2 जिले, दिल्ली में 5 और यूपी में 21 जिले शामिल हैं।
IMPAR ने अपने जिला समन्वयकों (DC) के नामों की भी घोषणा की। ईसी को बाद में बढ़ाकर 25 सदस्यीय कर दिया जाएगा। जिला समन्वएक ईसी सदस्यों के परामर्श से 300 सदस्यीय IMPAR जिला परिषद भी बनाएंगे जो जमीन पर कार्यक्रमों के वितरण में ईसी की मदद करने के लिए सामान्य निकायों के रूप में काम करेंगे।
IMPAR अध्यक्ष ने मुजफ्फरनगर के डीसी गॉड्स ग्रेस इंटर कॉलेज के संस्थापक एडवोकेट गुफरान आजाद, मुजफ्फरनगर के डीसी सुश्री शबाना रईस, प्रिंसिपल, सोफिया पब्लिक जूनियर हाई स्कूल, डीसी सहारनपुर और श्री राशिद अली, पूर्व अध्यक्ष, कैराना नगर परिषद, डीसी, शामली जिले के नाम की घोषणा की।
IMPAR ने उपरोक्त जिलों में सामुदायिक सुधार के एजेंडे पर कार्रवाई करने का आह्वान किया है। ये कौंसिल जमीनी स्तर पर वंचित लोगों के सामाजिक और आर्थिक उत्थान के लिए किये जाने वाले IMPAR के प्रयासों को आगे बढ़ाएगी।
IMPAR के अध्यक्ष, डॉ एमजे खान, जो भारतीय कृषि एवं खाद्य परिषद् के भी अध्यक्ष हैं, ने संबोधित किया और जिला समन्कायवक और कार्यकारणी सदस्यों के नाम और एजेंडे की घोषणा की।
डॉक्टर खान ने बताया 27 अन्य जिलों में भी यही कार्य एजेंडा पेश किया जाएगा। डॉ एमजे खान ने कहा, "विकास और सुधार कार्यों में लोगों को शामिल करने से सकारात्मकता, स्वीकृति और समावेशिता सुनिश्चित होगी। जो प्रभावी और स्थायी परिवर्तनों के लिए आवश्यक है। समुदायों में आवश्यक संसाधनों को सही जगह और सही लोगों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने की क्षमता है; सामाजिक और सांस्कृतिक आचरण, शिक्षा, समाज में युवाओं और महिलाओं की भूमिका और देश की समग्र प्रगति पर मानसिकता बदलने की आवश्यकता पर डॉ खान ने जोर दिया I
ये टीमें सामुदायिक सशक्तिकरण के एजेंडे को हासिल करने के लिए स्पष्ट कार्रवाई का आधार हैं। इस चुनौतीपूर्ण भूमिका को स्वीकार करने के लिए सभी सदस्यों को बधाई और सराहना करते हुए डॉ खान ने कहा, अवसरों तक पहुंच, जागरूकता की कमी, सामाजिक और आर्थिक सुव्यवस्थितता आदि से संबंधित कई मुद्दों से निपटने के अपने प्रयासों को जारी रखने की जरूरत है।
उन्होंने लोगों से राष्ट्र निर्माण के लिए खुद को समर्पित करने और "कल के भारत के निर्माण" में अपनी बड़ी भूमिका निभाने का आह्वान किया।

0 comments