हाफ़िज़ इरफान समाजवादी पार्टी में राष्ट्रीय सचिव नियुक्त

बदायूँ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश से अल्पसंख्यक सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना इक़बाल खां कादरी व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मौलाना इरफ़ान उल हक क़ादरी सहित शीर्ष नेतृत्व ने सहसवान निवासी पूर्व जिला पंचायत सदस्य हाफिज़ इरफान को अहम जिम्मेदारी सौंपी है।
उन्हें एक बार फिर समाजवादी पार्टी अल्पसंख्यक सभा में शामिल करते हुए राष्ट्रीय कार्यकारिणी में सचिव मनोनीत करते हुए राष्ट्रीय सचिव पद पर नियुक्त किया गया है। इरफान उस समय देश की राजधानी दिल्ली में थे उन्हें पार्टी कार्यालय लखनऊ से फ़ोन पर इस्की सूचना दी गई.
जिसके बाद नव नियुक्त राष्ट्रीय सचिव ने दरगाह हजरत निजामुद्दीन औलिया में चादर,व गुल पेश कर देश व पार्टी के लिए दुआ की,व अखिलेश यादव को उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाए जाने की मन्नत मांगी, उसके बाद नवनियुक्त राष्ट्रीय सचिव श्रम विहार दिल्ली की श्रमिक बस्ती में जाकर लंच के पैकेट्स लोगों में गिफ्ट किए।
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हाफिज़ इरफान समाजवादी पार्टी के नेता व पूर्व सांसद धर्मेन्द्र यादव और पूर्व मंत्री मौलाना डॉ यासीन उस्मानी के पुराने करीबी माने जाते हैं। वह पार्टी व आमजन के लिए जी जान से मेहनत करते हैं। इसके परिणाम स्वरूप वह 2015 में जिला पंचायत सदस्य के साथ साथ 2016 जिला योजना समिति के निर्वाचित सदस्य भी चुने गए थे। हाफिज़ इरफान के पिता का नाम इरादत हुसैन है।
सहसवान के कछला रोड पर प्रतिष्ठान व मोहल्ला नवादा सहसवान मैं आवास /कार्यालय है। वही इनका कैंप कार्यालय भी है। वह गरीब, बेसहारा लोगों की मदद के लिए भी क्षेत्र में मशहूर हैं। आए दिन किसानों, मज़लूमों व जनहित के मुद्दों पर संघर्ष/प्रदर्शन करते हुए अखबारों की सुर्खियां बटोरते है। वह इस्लामिक इंटेलेक्चुअल्स बोर्ड के प्रदेश महासचिव के साथ-साथ सहसवान की सामाजिक संस्था, जमियतुल अइम्मा, और मदरसा इस्लाहुल मुस्लिमीन के सदर (अध्यक्ष) भी हैं। 2009 के लोकसभा चुनाव में सपा नेता धर्मेन्द्र यादव के लिए जी तोड़ मेहनत की जिसके बाद सांसद धर्मेंद्र यादव से उनकी नज़दीकियां बढ़ती गईं। उसके बाद उन्होंने विधानसभा चुनाव, 2017 के नगर निकाय चुनाव से लेकर अब तक पार्टी के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

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