असम में सामान्य से 125% ज्यादा बारिश:नलबाड़ी में दो मंजिला बिल्डिंग बही, सिलचर में जवानों ने 6 दिन के बच्चे और मां को बचाया
असम में बाढ़ तबाही लेकर आई है। 10 दिनों में अब तक करीब 135 लोगों की मौत हो चुकी है। लाखों लोग प्रभावित हैं। उन्हें अपना घर छोड़कर राहत शिविरों में या फिर हाईवे पर टेंट लगाकर भूखे-प्यासे रहना पड़ रहा है। हर दिन मकान डूबने, गाड़ियों के बह जाने और लोगों के फंसे होने की तस्वीरें आ रही हैं।
मंगलवार को नलबाड़ी जिले में दो मंजिला एक बिल्डिंग पानी के तेज बहाव में बह गई। यह पुलिस स्टेशन की बिल्डिंग थी, जिसे खाली करा लिया गया था। उधर, असम के सिलचर से एक वीडियो सामने आया है। इसमें असम राइफल्स के जवानों ने 6 दिन के बच्चे और उसकी मां को पानी से सुरक्षित निकाल लिया। ये दोनों बाढ़ के तेज बहाव में बहे जा रहे थे। वीडियो में जवान बच्चे के साथ खेलते दिख रहे हैं। बच्चे की मां ने सेना को शुक्रिया कहा है।
असम आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने सोमवार शाम को जारी की गई बाढ़ रिपोर्ट में बताया है कि इस समय राज्य के 32 जिलों के 5424 गांव बाढ़ की चपेट में हैं। सोमवार से मंगलवार के बीच कछार जिले में 5, कामरूप मेट्रो, मोरीगांव और नगांव में एक-एक लोगों की मौत हुई है। कछार में एक के लापता होने की खबर है।
28 जिलों में बाढ़ का असर
अब तक 28 जिले बाढ़ की चपेट में हैं, यहां के 33 लाख लोगों के जीवन पर बाढ़ ने सीधे असर डाला है। 5 से 8 फीट तक पानी बह रहा है। पहले 32 जिले प्रभावित थे, लेकिन 4 जिलों में बाढ़ का पानी कम हुआ है। प्रभावित लोगों की संख्या में मामूली अंतर देखा गया है। 23 लाख से घटकर 21 लाख के करीब हो गई है।
पूर्वोत्तर में अभी बारिश से राहत मिलती नहीं दिखी रही है। मौसम विभाग के मुताबिक, अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर और सिक्किम में बारिश के आसार बने हुए हैं।
बाढ़ से 47 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की रिपोर्ट के अनुसार असम में पिछले सात दिनों में 45 लोगों की जान गई है जबकि मेघालय में मरने वालों की संख्या 18 बताई गई है। इतना ही नहीं, पूर्वोत्तर में बाढ़ की तबाही के कारण 47 लाख 72 हजार से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। असम सरकार ने बेघर हुए लोगों के लिए 1425 राहत शिविर खोले हैं, जहा दो लाख 31 हजार 819 लोगों ने शरण ले रखी है।
एक सब-इंस्पेक्टर समेत 2 पुलिसकर्मी की मौत
असम पुलिस ने बताया कि नौगांव जिले के कामपुर पुलिस स्टेशन की एक टीम रविवार देर रात रेस्क्यू कर रही थी, उसी समय सब-इंस्पेक्टर समुज्जल काकोती और कॉन्स्टेबल राजीव बोरदोलोई बाढ़ के पानी में बह गए।

भूस्खलन से मां और उसके दो बच्चों की मौत
सिक्किम के गंगटोक में चानबाड़ी रोंगवे में सोमवार देर रात भूस्खलन से एक महिला और उसके दो बच्चों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान डोमा शेरपा (27), उसके 10 साल के बेटे और सात महीने के बच्चे के रूप में की गई है। डोमा शेरपा के पति सिलीगुड़ी में थे, जिन्हें घटना की सूचना दे दी गई है।

10 पॉइंट से जानिए, बाढ़ किस तरह लाई है तबाही
- पिछले 7 दिनों से सामान्य से 125% ज्यादा बारिश।
- असम और मेघालय में स्कूल बंद।
- पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे की एक दर्जन से ज्यादा यात्री ट्रेनें रद्द।
- गुवाहाटी से NH 31 पर करीब 50 किलोमीटर आगे रंगिया शहर से आगे के गांव डूबे।
- उडियाना और इसके आसपास के गांवों में बरलिया और नोना नदियों का पानी घुसा।
- रंगिया कस्बा के ऊपर से बाढ़ का पानी निकल रहा।
- असम में सेना की 11 कम्पोजिट टुकड़ियों से रेस्क्यू।
- ब्रह्मपुत्र और उसकी 13 सहायक नदियों का पानी खतरे के निशान से ऊपर।
- बाढ़ के पानी में एक लाख हेक्टेयर से अधिक फसल क्षेत्र प्रभावित।
- पानी के तेज बहाव से सड़कें टूट गईं, रेल मार्ग बाधित।

0 comments