मौलाना एजाज़ अर्शद की यक तरफा गिरफ्तारी क़ानून के साथ खिलवाड़/ वसीम खान वसीम

एम आई एम ने मौलाना की गिरफ्तारी के विरोध में किया प्रदर्शन, जम के किया नारे बाज़ी

Ashraf Ali Bastavi

लखनऊ : बीते दिनों जी हिंदुस्तान t v चैनल पर डीबेट के दौरान फरह फ़ैज़ और मौलाना अर्शद के बीच तू तू मै मै के बाद हुई मार पीट मामले मे मौलाना एजाज अर्शद की यक तरफा गिरफ्तारी के विरोध में एम आई एम ने बाघ नगर में प्रदर्शन किया .
और जम कर नारे बाज़ी की,, इस दौरान एम् आई एम के जिला महा सचिव वसीम खान वसीम ने कहा कि जहां मौलाना को गिरफ्तार किया गया है वहीं फरह फैज को भी फौरन गिरफ्तार किया जाए, किउकी इस मारपीट मामले में जितना मौलाना एजाज अरशद कसूरवार हैं उससे कहीं ज्यादा फरह फैज की गलती है किउकी टीवी चैनल पर डीबेट में यह स्पष्ट दिखाई दे रहा है कि मौलाना की तकरार अंबर जैदी से हो रही है.
जिसमें अंबर जैदी ने मर्दों को बेहूदा कहा जिस पर जवाब देते हुए मौलाना ने कहा कि इसका मतलब यह हुआ कि आपके घर में भी पुरुष हैं वो भी बेहूदा हुए इसी बात पर गुस्सा होकर अंबर जैदी ने मौलाना को बुरा भला कहते हुए अपनी मेज पर सर पटक़ कर चीखते चिल्लाते हुए मौलाना से माफी मांगने की मांग करने लगी इसी बीच फरह फैज ने मौलाना से तकरार शुरू कर दी और गुस्से में  मौलाना के मुंह पर थप्पड़ जड़ दिया अपना बचाव करते हुए मौलाना ने भी थप्पड़ चला दिया जिसके तुरंत बाद पुलिस बुलाकर मौलाना को गिरफ्तार करा दिया गया लेकिन हैरत की बात यह कि टीवी एँकर से लेकर टीवी पर बैठे विद्वान और पुलिस प्रशासन तक को मौलाना का थप्पड़ तो दिया लेकिन फरह फैज जिन्होने थप्पड़ चलाने की पहल की उनका थप्पड़ नहीं दिखाई दिया।
एम आई एम नेता वसीम खान ने कहा कि मौलाना की एकतरफा गिरफ्तारी पुलिस प्रशासन की लापरवाही और तुष्टीकरण का खुला हुआ नतीजा है आखिर मौलाना को जिस जुर्म में गिरफ्तार किया गया उसी जुर्म में फरह फैज को किस कानून के तहत छोड़ दिया गया यह बात समझ से परे है उन्होने कहा कि निश्चित ही महिला को प्राथमिकता देनी चाहिए जो उन्हे मिल भी रही है लेकिन इसका यह मतलब कभी नहीं की महिला को कानून से ही उपर कर दिया जाय वह जब चाहे जहाँ चाहे पुरूषो से गाली गलोज़ और मारपीट करती फिरे और पुरुष गाली गलोज़ और मार खाता फिरे यकीनन मौलना पे थप्पड़ चला के बहुत गलत काम किया.
परंतु यही काम फरह फैज ने भी किया परंतु पुलिस प्रशासन ने एक तरफा कार्यवाही करते हुए सिर्फ मौलाना को ही गिरफ्तार किया उन्होने यह भी कहा कि बार बार महिलाओं को कमजोर कहना उनको अबला बना के पेश करना महिलाओं को अपमानित करने और उनका मनोबल तोड़ने जैसा कृत्य है इस्लाम ने महिलाओ के साथ न्याय से काम लेते हुए समाज मे महिलाओ को एक उच्च स्थान दिया है बल्कि कहीं कहीं तो उनका दर्जा पुरुषों से भी बढ़ा दिया है
परन्तु ऐसी वारदाते सिर्फ इस्लाम को बदनाम करने के लिए एक सोची समझी साजिश के तहत कराई जा रही है उन्होने यह भी कहा कि पर्दा आज़ादी और तलाक की आड़ लेकर महिलाओ को बेवकूफ़ बनाने वाले यह बताएं क्या पुरूषो को अपना बचाव करने का हक नहीं है आखिर जब एक महिला मीडिया के सामने गाली गलौज और मारपीट पर उतर आये तो ऐसे में पुरुष अपना बचाव करे जान बचाकर भाग ले या खड़ा खड़ा मार खाता रहे।
प्रदर्शन में सलमान कबीर नगरी, अयाज अहमद,सुबहानुल्लाह, उस्मान अली, डॉ जितेंद्र चौधरी सुबहान अली, अलाउद्दीन, अतहर फैजी, फहीम खान, मो जैद, इरशाद अहमद,शाबान अहमद, मो अहमद खान, जगन्नाथ, ओबैदुल्लाह शाह उर्फ पप्पू शाह, शेर खान, अशोक कुमार, सोमनाथ, गंगाराम, जियाउद्दीन अंसारी, मो इरफान, नसीम अंसारी, मो कमर, दिलीप कुमार, राज कपूर, मनोज कुमार आदि उपस्थित रहे।

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