कर्नाटक फ्लोर टेस्ट का हो लाइव प्रसारण – सुप्रीम कोर्ट

Awais Ahmad

कर्नाटक विधानसभा में प्रोटेम स्पीकर के जी बोपैया की नियुक्ति को चुनौती वाली कांग्रेस की याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया और फ्लोर टेस्ट के लाइव प्रसारण की इजाज़त दे दी।

याचिका खारिज होने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि के जी बोपैया ही प्रोटेम स्पीकर बने रहेंगे और कर्नाटक विधानसभा में होने फ्लोर टेस्ट का लाइव प्रसारण करवाया जाएगा ताकि कार्यवाही में पारदर्शिता बनी रहे।

जस्टिस ए के सिकरी, एस ए बोबड़े और अशोक भूषण की बेंच ने एडिशनल सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता के बयान को रिकॉर्ड करने के बाद कार्यवाही की लाइव प्रसारण करने का आदेश दिया।

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई शुरू होते ही कांग्रेस और जेडीएस की तरफ से पेश हुए कपिल सिब्बल ने कहा कि प्रोटेम स्पीकर की नियुक्ति सदन में सबसे वरिष्ठ सदस्य की होनी चाहिए जो संसद में भी परंपरा रही है।

कपिल सिब्बल ने कहा कि लंबे समय से चली आ रही परंपरा बोपैया की नियुक्ति के बाद तोड़ी गई और सुप्रीम कोर्ट ने भी अपने दो फैसले में इसको मंजूर किया है।

इस पर जस्टिस एस ए बोबड़े ने कहा ऐसे कई उदाहरण हैं जिसमें सबसे वरिष्ठ विधायक को प्रोटेम स्पीकर के तौर पर नियुक्त नहीं किया गया है।

इस पर कपिल सिब्बल ने कहा कि के जी बोपैया का इतिहास अलग है। मैं आग्रह करता हूं कि फ्लोर टेस्ट करवाने के लिए के जी बोपैया को आदेश न दें।

जस्टिस बोबडे ने कहा कि मिस्टर सिब्बल, अगर आप बोपैया की नियुक्ति की समीक्षा चाहते हैं तो हम उन्हें नोटिस जारी कर जवाब तलब करेंगे। लेकिन उसके लिए हमे फ्लोर टेस्ट स्थगित करना पड़ेगा।

इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कोई कानून निर्देश नहीं देता है कि राज्यपाल किसी खास व्यक्ति को प्रोटेम स्पीकर बनाएं। जब तक यह परंपरा कानून न बन जाए, यह कोर्ट के द्वारा जबरन नहीं किया जा सकता है।

सिब्बल ने कहा कि नहीं फ्लोर टेस्ट तो आज ही होना चाहिए, बोपैया को रोका जाना चाहिए। इस पर जस्टिस बोबडे ने कहा कि हम बोपैया की बात बिना सुने हुए उनके खिलाफ़ कैसे आदेश पारित कर सकते है।

जस्टिस बोबडे ने कहा कि आप विरोधाभासी बातें कह रहे हैं। आप प्रोटेम स्पीकर की नियुक्ति रद्द करने की बात कह रहे हैं और दूसरी ओर आप उन्हें जवाब देने के लिए समय नहीं देना चाहते। हम आपको सुन सकते हैं, लेकिन इसके लिए हमें फ्लोर टेस्ट को टालना होगा।

सुनवाई के दौरान तुषार मेहता ने कहा कि फ्लोर टेस्ट का लाइव प्रसारण हो तो पारदर्शिता बनी रहेगी। इस पर जस्टिस बोबडे कहा कि यह अच्छा सुझाव है। फिर जस्टिस बोबडे ने कहा कि  हमारा सुझाव है कि फ्लोर टेस्ट का लाइव टेलीकास्ट हो और इसकी फीड सभी न्यूज़ चैनल को दी जाए। इससे पारदर्शिता बानी रहेगी।

जस्टिस सीकरी ने कहा कि सदन के सचिव फ्लोर टेस्ट की वीडियो रिकॉर्डिंग कराएंगे ओर ये फीड सभी लोकल न्यूज़ चैनल को दी जाए। इस फीड को चैनल पर सीधे प्रसारण किया जाए।

सुनवाई के दौरान अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि उम्मीद करता हूं कि हमे रविवार को दोबारा सुप्रीम कोर्ट न आना पड़े। जिस पर जस्टिस सीकरी ने कहा कि यही बात हम जज आपस मे कर रहे थे।

सुप्रीम कोर्ट के बाहर मीडिया से बात करते हुए सिंघवी ने कहा कि कांग्रेस और जेडीएस की जीत 100 प्रतिशत पक्की है। इसमें मुझे कोई संदेह नहीं है। वहीं प्रोटेम स्पीकर की नियुक्ति के पक्ष में कोर्ट में मौजूद हुए मुकुल रोहतगी ने कोर्ट के बाहर कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस की याचिकाओं को सुना, सभी याचिकाएं खारिज कर दी गई। प्रोटेम स्पीकर को उनके पद से हटाने की कांग्रेस की उग्र कोशिश असफल हो गई। रोहतगी ने कहा कि मुझे लगता है कि वे (कांग्रेस) डरे हुए हैं और वे फ्लोर टेस्ट भी नहीं होने देना चाहते हैं।

कांग्रेस की याचिका पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट में कांग्रेस और जेडीएस की तरफ से अभिषेक मनु सिंघवी और कपिल सिब्बल मौजूद थे। वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी भी कोर्ट में मौजूद थे।

वहीं प्रोटेम स्पीकर की नियुक्ति फैसले के पक्ष में अटॉर्नी जनरल के के वेणुगोपाल, एडिशनल सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी भी मौजूद थे।

बता दें कि राज्यपाल वजुभाई वाला ने शुक्रवार को विधानसभा मे प्रोटेम स्पीकर के तौर पर बीजेपी विधायक के जी बोपैया को नियुक्त किया था। जिसके खिलाफ कांग्रेस और जेडीएस की तरफ से सुप्रीम में याचिका दाखिल की थी।

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