बाबरी मजिस्द विवाद: सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड ने कहा यूपी सरकार या केंद्र किसी पक्ष के समर्थन में दलील नहीं रख सकते

सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड की तरफ से वकील राजीव धवन ने कहा कि जिस तरह बामियान बुद्ध की मूर्ति को तालिबान ने गिराया उन्हें ये कहने में कोई संकोच नहीं कि 1992 में बाबरी मस्जिद हिन्दू तालिबानियों द्वारा गिराई गई।

Awais Ahmad

बाबरी मस्जिद अयोध्या राम जन्म भूमि विवाद मामले की सुप्रीम कोर्ट में मस्जिद को इस्लाम का अभिन्न हिस्सा न मानने वाले इस्माइल फारुखी फ़ैसले के अंश को पुनर्विचार के लिए संविधानपीठ को भेजने पर जिरह हुई। सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई की शुरुआत में शिया वक़्फ़ बोर्ड ने फारुखी मामले को संविधान पीठ में भेजे जाने का विरोध किया।

शिया वक़्फ़ बोर्ड ने कहा कि धर्म को परिभाषित कहीं भी नहीं की गई है। हिन्दू धर्म को छोड़कर। हिन्दू धर्म में ही धर्म को परिभाषित किया गया है। शिया वक़्फ़ बोर्ड ने कहा इलाहाबाद HC द्वारा मुस्लिमानों को दी गई ज़मीन पर हमारा अधिकार है क्योंकि बाबरी मस्ज़िद मीर बाकी ने बनाई थी,जो शिया था, हम देश में एकता, शांति और अखंडता के लिए अयोध्या की विवादित ज़मीन पर मुसलमानो का हिस्सा राम मंदिर के लिए दान देने को राज़ी हैं।

इस पर सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड की तरफ से कहा गया कि 1946 में ये फैसला हो गया कि ज़मीन पर मालिकाना हक सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड का है। शिया वक़्फ़ बोर्ड ने 2017 में 1946 के फैसले को चुनौती दी है। इस मामले में शिया वक़्फ़ बोर्ड का कोई मतलब नहीं है।

सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड की तरफ से वरिष्ठ वकील राजीव धवन ने कहा कि शिया वक्फ बोर्ड वह ज़मीन दान करने के लिए कह रहा है जो उसके पास है ही नहीं। धवन ने आगे कहा कि किसी भी आस्था को मस्जिद गिराने का अधिकार नहीं है। सच यह है कि मस्जिद गिराई गई लेकिन इबादत करने का अधिकार अभी भी है।

मुस्लिम पक्ष की तरफ से उत्तर प्रदेश सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा गया कि यूपी सरकार या केंद्र किसी पक्ष के समर्थन में दलील नहीं रख सकते। दोनों अपने वैधानिक दायित्व से बंधे हैं। सरकार को इस मामले में मध्यस्थ की भूमिका निभानी थी लेकिन उन्होंने इसको तोड़ दिया।

मुस्लिम पक्ष की तरफ से बहस करते हुए राजीव धवन ने तालिबान द्वारा बुद्ध की मूर्ति तोड़े जाने का उदाहरण देते हुए कहा जैसे बामियान बुद्ध की मूर्ति को तालिबान ने गिराया उन्हें ये कहने में कोई संकोच नहीं कि 1992 में बाबरी मस्जिद हिन्दू तालिबानियों द्वारा गिराई गई।

इस मामले की अगली अब सुनवाई 20 जुलाई को। मुस्लिम पक्ष के वकील राजीव धवन ने कहा कि उन्हें अपनी दलील रखने के लिए एक घंटे का वक्त और चाहिए।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *