70 साल के बुजुर्ग भी बनवा रहे जन्‍म प्रमाण पत्र; गोरखपुर में 1947 में जन्मे शख्स का आया आवेदन

गोरखपुर के नगर निगम स्थित जन्‍म प्रमाण पत्र के कार्यालय पर बुजुर्गों से लेकर युवाओं तक की होड़ लगी हुई है।

Caption

गोरखपुर. नागरिकता संशोधन कानून बनने के बाद उत्तर प्रदेश के तमाम शहरों में अफवाह है कि, जन्म व निवास प्रमाण पत्र न होने पर उन्हें देश से बाहर कर दिया जाएगा। इसके चलते गोरखपुर, हापुड़, बुलंदशहर, मेरठ आदि शहरों में लोग जन्‍म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए नगर निगम व पालिका कार्यालयों में पहुंच रहे हैं। हापुड़ में जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए तो 60 से 70 साल के बुजुर्ग भी पहुंचे थे। उनका कहना है कि, नागरिकता साबित करने के लिए अब प्रमाण पत्र रखना जरूरी हो गया है। इससे कर्मियों को खासी परेशानी हो रही है। पुराने दस्तावेज भी नहीं मिल रहे हैं। 

गोरखपुर के नगर निगम स्थित जन्‍म प्रमाण पत्र के कार्यालय पर बुजुर्गों से लेकर युवाओं तक की होड़ लगी हुई है। पादरी बाजार के रहने वाले मोहम्‍मद शहादत बच्‍चों का जन्‍म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए पहुंचे थे। चेहरे के खौफ को छिपाते हुए वे कहते हैं कि हर जगह इसकी जरूरत पड़ती है। हालांकि अभी तक उसकी जरूरत महसूस नहीं हुई थी। लेकिन, सीएए लागू होने के कारण सर्टिफिकेट बनवाने की बात वे धीरे से हामी भरकर कुब‍ूल भी कर लेते हैं। 

वहीं अलीनगर की रहने वाली शादिया परवीन भी जन्‍म पंजीयन कार्यालय में बहन का जन्‍म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आईं थीं। उनकी बहन की शादी फरीदाबाद में हो चुकी है। अभी तक उन्‍होंने जन्‍म प्रमाण पत्र नहीं बनवाया था। फिर क्‍या वजह है कि उन्‍हें इसकी जरूरत पड़ गई? वे पहले तो चुप रहती हैं। लेकिन, आखिरकार बार-बार सवाल करने पर नागरिकता संसोधन कानून लागू होने के कारण जन्‍म प्रमाणपत्र बनवाने की बात स्‍वीकार कर लेती हैं। 

जन्‍म-मृत्‍यु पंजीयन कार्यालय पर तैनात क्‍लर्क दीपक कुमार श्रीवास्‍तव बताते हैं कि 10 दिन से भीड़ बढ़ गई है। रोज 150 से अधिक लोग आ रहे हैं। इसमें 70 से 75 प्रतिशत आवेदन मुस्लिम परिवार के लोगों के हैं। उन्‍होंने बताया कि उनके पास 1947 के जन्‍म तक का प्रमाण पत्र बनवाने का आवेदन आया है। उन्‍होंने बताया कि इसके अलावा 1965 और 70 में पैदा हुए लोग भी आवेदन कर रहे हैं। उन्‍होंने बताया कि पहले ऐसा कभी नहीं हुआ था।


यहां बनता है जन्मप्रमाण पत्र
जन्म प्रमाण पत्र नगर पालिका, नगर पंचायत या ग्राम पंचायत से बनता है। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन भी किए जा सकते हैं। जन्म प्रमाण पत्र के लिए अस्पताल का सर्टिफिकेट देना जरुरी है। लेकिन तय समय सीमा के भीतर ही अस्पताल का सर्टिफिकेट मान्य है। जन्म प्रमाण पत्र की प्रक्रिया साल 1988 के बाद शुरू हुई है। 1988 तक जन्मे लोगों के लिए दसवीं का सर्टिफिकेट ही जन्म प्रमाण पत्र है। 

0 comments

Leave a Reply