केंद्रीय विद्यालयों में प्रार्थना के खिलाफ SC में याचिका

याचिकाकर्ता ने याचिका में कहा कि केंद्रीय विद्यालयों में 1964 से हिंदी में सुबह से प्रार्थाना हो रही है जो पूरी तरह से असंवैधानिक है. यह संविधान के अनुच्छेद 25 और 28 के खिलाफ है जिसके चलते इस प्रार्थना को इजाजत नहीं दी जा सकती. सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर केंद्र सरकार और केंद्रीय विद्यालयों से जवाब मांगा है.

Awais Ahmad

केंद्रीय विद्यालयों में हो रही हिंदी प्रार्थना को लेकर एक याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और केंद्रीय विद्यालयों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई याचिका में पूछा गया है कि केंद्रीय विद्यालयों में हो रही हिंदी प्रार्थना क्या किसी धर्म का प्रचार है। सुप्रीम कोर्ट ने मामले पर कहा कि यह एक बड़ा संवैधानिक मुद्दा है जिस पर विचार करना बेहद जरूरी है।

एक व्यक्ति ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर कहा कि केंद्रीय विद्यालयों में 1964 से हिंदी में सुबह से प्रार्थाना हो रही है जो पूरी तरह से असंवैधानिक है। यह संविधान के अनुच्छेद 25 और 28 के खिलाफ है जिसके चलते इस प्रार्थना को इजाजत नहीं दी जा सकती। सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर केंद्र सरकार और केंद्रीय विद्यालयों से जवाब मांगा है।

प्रार्थना का नया कोड

देशभर में 1125 केन्‍द्रीय स्कूल हैं। नया कोड बनाया गया है, जिसके तहत संस्कृत श्लोक के बाद हिंदी प्रार्थना गानी होती है (दया कर दान विद्या का हमें परमात्मा देना, दया करना हमारी आत्मा में, शुद्धता देना हमारे ध्यान में आओ प्रभु, आंखों में बस जाओ)। इसके लिए छात्रों को आंख बंद और हाथ जोड़ना होता है, जो नहीं करेगा तो शिक्षक मंच पर सबके सामने ठीक कराएंगे। अगर शिक्षक नहीं करते तो प्रिंसिपल कार्रवाई करेंगे। हिंदी और संस्‍कृत की प्रार्थना धर्म विशेष हिंदू का प्रचार करती हैं, जो अनुच्छेद 28 और 19 का उलंल्घन है।

 

 


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