FSSLP के बैनर तले डॉ आंबेडकर चैम्बर ऑफ़ कॉमर्स (DACC) की नीव रखी गई

इस चैम्बर के जरिये दलित एवं आदिवासी समुदाय के लोगों को उद्यमी बनाया जायेगा

एशिया टाइम्स

नई दिल्ली: आर्थिक एवं सामाजिक विकास के बिना दलित उत्थान की बात करना बेमानी है. दलित समुदाय के उद्यम क्षेत्र के पुरोधाओं की कोशिशों से आज Forum of SC &ST legislators and Parliamentarians के बैनर तले डॉ आंबेडकर चैम्बर ऑफ़ कॉमर्स (डीएसीसी) की नीव रखी गई . इस चैम्बर के जरिये दलित एवं आदिवासी समुदाय के लोगों को उद्यमी बनाया जायेगा . चैम्बर का मानना है कि दलित उत्थान तब तक नहीं हो सकता जब तक वह शिक्षित हो कर बिज़नस क्लास में जगह न बना ले .

चैम्बर के जरिये दलितों और आदिवासी समाज को लघु उद्योग शुरू करने के लिए फण्ड एवं सरकारी ऋण सम्बन्धी योजनायें बताई जाएँगी . इसे पाने में आने वाली रुकावटों को दूर करने की कोशिश की जाएगी . दलित एवं आदिवासी समुदाय में छिपे हुनर को मौका और मंच दिया जायेगा . इसके लिए सरकार को समय समय पर नीतियों में संशोधन करने के लिए मशवरा दिया जायेगा.

दलित समुदाय के उद्यम क्षेत्र के पुरोधाओं की कोशिशों से आज Forum of SC &ST legislators and Parliamentarians के बैनर तले डॉ आंबेडकर चैम्बर ऑफ़ कॉमर्स (डीएसीसी) की नीव रखी गई

इस मौके पर सोशल जस्टिस और एम्पावरमेंट के राज्यमंत्री श्री रामदास बंदू अठावले ने दलित उद्यमियों को डॉ आंबेडकर चैम्बर ऑफ़ कॉमर्स को सरकार की तरफ से पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया है . उन्होंने कहा कि कोई भी काम छोटा  नहीं होता है सिर्फ सोच बड़ी रखनी चाहिए . सकारात्मक सोच और जूनून से दलित अपनी आर्थिक स्थिति बदल सकते हैं . उन्होंने इस संबध में सभी को सरकारी योजनाओ का पूरा लाभ लेने के लिए कहा .

संसद के पूर्व सदस्य और दक्षिण भारत के प्रमुख बिजनेसमैन डॉ जी के विवेकानंद (तेलंगाना सरकार के सलाहकार ) को डॉ आंबेडकर चैम्बर ऑफ़ कॉमर्स का नया अध्यक्ष चुना गया है,  इंदर इकबाल सिंह अटवाल को महानिदेशक नियुक्त किया गया है, जबकि प्रसाद दहपूत को अतिरिक्त महानिदेशक के रूप में नियुक्त किया गया है. इस कार्यकर्म के उद्घाटन अवसर पर महाराष्ट्र के ट्राइबल डेवलपमेंट राज्यमंत्री श्री राजे अम्बरीशराव, एनसीएससी सदस्य डॉ योगेंदर पासवान और कई उद्यमी मौजूद थे .

डॉ आंबेडकर चैम्बर ऑफ़ कॉमर्स के उद्देश्य

  1. 10 इन्क्यूबेशन सेण्टर (अनुसूचित जाति और जनजाति)

  2.  सुविधा प्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए अलग कौशल परिषद का निर्माण

  3. उद्यमिता के लिए उत्तर-पूर्वी और लद्दाख क्षेत्र पर अलग-अलग राष्ट्रीय नीतियां

  4. भारत में उद्यमी स्कूलों की स्थापना

  5. निविदा प्रक्रिया का समर्थन करने के लिए वित्तीय ट्रस्ट की स्थापना।

  6. नए इक्विटी फंड ट्रस्ट की स्थापना

  7. अनुसूचित जाति और जनजातीय उत्पादकों / निर्माताओं को पदोन्नत किया जाना

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