सऊदी अरब का ‘ नियोम सिटी’ प्रोजेक्ट , क्राउन प्रिंस मुहम्मद बिन सलमान के सपनों का शहर

Saudi Arabia's 'Neom City' project, the city of dreams of Crown Prince Muhammad bin Salman

Asia Times Desk

रियाध : (एशिया टाइम्स /अशरफ बस्तवी ) सऊदी अरब का ‘ नियोम सिटी’ प्रोजेक्ट , क्राउन प्रिंस मुहम्मद बिन सलमान के सपनों का शहर बताया जा रहा है सऊदी अरब का ‘ नियोम सिटी’ प्रोजेक्ट एक ऐसा शहर है जिसे सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के सपनों का शहर कहा जा रहा है ।

हम सभी के लिए यह जानना दिलचस्प होगा कि’ नियोम सिटी’ प्रोजेक्ट क्या है? सऊदी अरब इस परियोजना से अंतरराष्ट्रीय समुदाय में अपनी प्रगतिशील नई पहचान क्यों बनाना चाहता है, इस शहर की स्थापना का उद्देश्य क्या है?

नियोम सिटी’ ’प्रोजेक्ट क्या है?

नियोम सिटी’ शहर  https://neom.com तबूक में तीन देशों की सीमाओं पर बसाये जाने वाले प्रस्तावित आर्थिक शहर का नाम है, जिसका क्षेत्रफल 10,230-वर्ग मील 26,500 वर्ग किलोमीटर है। यह शहर संयुक्त रूप से सऊदी अरब, जॉर्डन और मिस्र के साथ सीमा पर बसाया जाएगा।

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इस वर्ष 29 से 31 अक्टूबर तीसरे फ्यूचर इन्वेस्टमेंट इनिशिएटिव सम्मेलन में भाग लेने वाले भारतीय मीडिया के प्रतिनिधिमंडल को डिजिटल सिटी में आमंत्रित किया गया , जहां ‘ नियोम सिटी’ प्रोजेक्ट के अधिकारियों ने भारतीय पत्रकारों को ‘ नियोम सिटी’ प्रोजेक्ट के बारे में तफ्सील से जानकारी दी।

इस का एलान क्राउन प्रिंस मुहम्मद बिन सलमान ने 24 अक्टूबर, 2017 को रियाध में आयोजित पहले फ्यूचर इन्वेस्टमेंट इनिशिएटिव सम्मेलन में किया था।

इस शहर का नाम ‘नियोम’ क्यों पड़ा?

इस शहर का नाम दो भाषाओं से बना है, जिसका अर्थ अरबी में “नया भविष्य” है। पहले तीन अक्षर लैटिन शब्द NEO से लिए गए हैं – जिसका अर्थ “नया” होता है, जबकि चौथा अक्षर अरबी शब्द मी मुस्तक़बिल का पहला अक्षर ‘मीम ‘ है, इस प्रकार ‘ नियोम’ का अर्थ है “नया भविष्य”।

आप इसे सऊदी अरब का नया भविष्य भी कह सकते हैं, या इसे सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के सपनों का शहर भी कह सकते हैं।

इस शहर की सबसे खास बात क्या है ?

इस शहर की सबसे खास बात यह है की इस शहर के अपने नियम और कानून होंगे यहां सऊदी अरब के सख्त क़ानून लागू नहीं होंगे। इसे आप विशेष आर्थिक जोन भी कह सकते हैं।

नियोम परियोजना सऊदी शहर के तबुक के उत्तर-पश्चिम में बनाई जाएगी, जिसमें मिस्र और जॉर्डन के कुछ हिस्से शामिल होंगे। लालसागर के ऊपर एक ब्रिज बनाया जाएगा जो सऊदी अरब को मिस्र और जॉर्डन से जोड़ेगा ।

शहर को एक आज़ाद क्षेत्र के रूप में दुबईकी तर्ज़ पर विकसित किया जाएगा। इस शहर को सऊदी सरकार सीधे तौर पर नहीं चलायेगी ,यहां के लिए अलग-अलग नियम और कानून होंगे और यहां सभी प्रकार की छूट दी जाएगी।यहां अंतर्राष्ट्रीय कानूनों को लागू किया जाएगा,

सऊदी अर्थव्यवस्था को मज़बूत करने में नियोम की महत्वपूर्ण भूमिका

सऊदी अर्थव्यवस्था को मज़बूत करने वैश्विक बाजार में अपनी अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए निवेशकों को आकर्षित करने के लिए ऐसा करना भी महत्वपूर्ण है। इस समय वास्तव में, सऊदी सरकार सऊदी अर्थव्यवस्था को मजबूत करना चाहती है।

तेल पर आधारित अर्थव्यवस्था से बाहर निकलने के नए तरीके तलाश रही है विशेष रूप से पर्यटन को बढ़ावा देने,विदेशी निवेश बढ़ाने के साथ ही सऊदी अरब को अपनी धार्मिक पहचान की रक्षा की चिंता भी है उसके सामने अपनी परंपराओं को संरक्षित करने की चुनौतियां भी हैं।

सऊदी अरब की नई लीडरशिप ने इस चुनौती का सामना करने के लिए कमर कास लिया है कि हमें विश्व के आर्थिक विकास के लक्ष्यों को प्राप्त करना है । फ्यूचर इन्वेस्टमेंट इनिशिएटिव सम्मेलन उसी की एक कड़ी है।

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