यह कैसे संभव है कि समाज में बिना निवेश के हम फ़ायदे में रहें; शिक्षा और मीडिया का महत्व” विषय पर चर्चा

Asia Times Desk

दिल्ली : दिनांक 02 दिसम्बर 2018 को शाहिनबाग के मुशावरात हॉल में “समाजिक निवेश और हमारा भविष्य: समाज निर्माण में शिक्षा और मीडिया का महत्व” विषय पर चर्चा का आयोजन DESH (Developing Egalitarian Society For Harmony) और PYAM (प्रगतिशील युवा अधिकार मंच) के द्वारा किया गया। आयोजक व PYAM तथा DESH के संस्थापक शाहनवाज़ भारतीय ने कहा कि, “आज के इस दौर में हम हर चीज़ में निवेश कर घाटे में है तो यह कैसे संभव है कि समाज में बिना निवेश के हम फ़ायदे में रहें। समाज को बेहतर बनाने के लिए आज हमें ऐसे निवेश की ज़रुरत है जिससे समाज में सबसे निचले पायदान के लोगों को मुफ़्त या निम्नतम लागत से शिक्षा प्राप्त हो सकें। हमें वर्तमान ‘मीडिया माफ़िया’ को कोसे बिना, ख़ुद ऐसे माध्यम बनाने होंगे जो समाज को सही दिशा में अग्रसर कर सके वरना जिस दिशा में समाज बदल रहा है, वो बदलते भारत के लिए बहुत ख़तरनाक होगा। तो आइए मिलके समाज निर्माण में यथासक्षम योगदान दें।
एआईएसएफ के राष्ट्रीय अध्यक्ष, शुवम बनर्जी और एआईएसएफ के राष्ट्रीय सचिव विक्की महेसारी को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया था। इस चर्चा का मुख्य उद्देश्य वर्तमान समय की जरूरतों पर विमर्श करना तथा ऐसे मीडिया चैनलों की स्थापना, जो ऐतिहासिक, वैज्ञानिक और मान्य तथ्यों को बढ़ावा दे। शुवम ने संबोधन में हमारा समाज और शिक्षा प्रणाली में मीडिया की भूमिका के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हमारा सामाजिक तानाबाना, विरासत और सह-अस्तित्व खतरे में हैं। हमारी विरासत और इतिहास जो वैज्ञानिक और ऐतिहासिक तथ्यों पर आधारित है को बदलने की कोशिश हो रही है । सोशल मीडिया व दुसरे माध्यमों से हमारे सामाजिक सद्भाव और सांप्रदायिक सौहार्द को बर्बाद किया जा रहा है। विभिन्न लोकतांत्रिक संगठनों को कमजोर करने के लिए उनके स्वायत्तता में हस्तक्षेप हो रहा है। आज हमारे इतिहास को गलत तथ्यों और मनगढ़त कहानियों के द्वारा पेश किया जा रहा है।
अपने संबोधन में उन्होने कई डेटा और तथ्यों को दिया है जो मीडिया के महत्व को विशेष रूप से नए मीडिया और अन्य डिजिटल प्लेटफार्मों और इसके उपयोगों पर प्रकाश डालता है। उन्होंने वर्ष 2015 में किए गए एक सर्वेक्षण के संदर्भ से कहा कि भारत में फेसबुक उपयोगकर्ताओं की कुल संख्या 24 करोड़ 10 लाख थी जो दिन-प्रतिदिन बढ़ रही है। भारत में इंटरनेट उपयोगकर्ता की पहुंच 46 करोड़ तक हैं जो दुनिया में दूसरा स्थान रखते हैं। यह दुनिया की आबादी का लगभग 26% है। आने वाले 2019 संसदीय चुनाव में, भारत के कुल योग्य मतदाताओं की संख्या भारत के निर्वाचन आयोग के अनुसार 90 करोड़ तक पहुँच जाएगी जो पिछले संसदीय चुनाव से 8 करोड़ ज्यादा होगा। 2018 के सर्वेक्षण में पुरे विश्व में 55% लोगों तक इंटरनेट की पहुँच है। अपने भाषण में, विभिन्न आईटी सेल द्वारा तैयार किए गए असामाजिक और घृणित प्रचारों के खिलाफ डिजिटल मंच के उपयोग पर जोर दिया।
विक्की महेसारी ने अपने भाषण में कहा कि यदि हम अपने हक़ के लिए एक होकर लड़ते हैं, तो हमारी सामाजिक, क्षेत्रीय, जातीय या धार्मिक पहचान आरे नहीं आता है, लेकिन हम एक हिन्दु या मुस्लिम किसान या छात्र के रूप में संघर्ष करते हैं तो हार जाते हैं। हमें अपनी एकता पहचानना चाहिए। इससे हम अपने धर्म, रंग या अन्य पहचान को पाट सकते हैं, फिर हम सफलता प्राप्त कर सकते हैं। हमारी केवल एक पहचान है। इसमें अलग अलग झंडे, कबीले, जात और धर्म हो सकते हैं। यदि आप एक किसान या छात्र हैं तो आपकी मांगें आपके मुद्दों पर होनी चहिए। वर्तमान सरकार हमें विभाजित करना चाहती है हमें एकजुट होना होगा। वे हमारे शैक्षणिक तंत्र को विकृत कर रहे हैं वे गुणात्मक शिक्षा नहीं देना चाहते हैं उन्होंने लगभग उच्च शिक्षा प्रणाली को बर्बाद कर दिया है।
अन्त में यह निर्णय लिया गया कि हम सभो को मिलकर सामाजिक निवेश पर ध्यान देना होगा और हमें ही अपने समाज को दल-दल में जाने से बचाना होगा बाकी नेतागण तो सिर्फ़ अपने दल को बचाने में लगे हैं!
इस सभा में टीम PYAM और DESH के अलावा, विक्की महेसारी (एआईएसएफ नेशनल जनरल सेक्रेटरी), शुवाम बनर्जी (एआईएसएफ नेशनल प्रेसिडेंट), सतीश मुख्तलिफ (निदेशक जुम्बिश आर्ट), जावेद अशरफ, आईन अहमद, नूरुल्ला खान, समी खान, माजिद खान, अभीप्सा चौहान, सूरज रॉ, धीरेंद्र तिवारी, तहसीन अहमद, सैयद साजिद अहमद, सैयद शिब्ली मंजूर, जुनैद अहमद, वसीम अहमद, नायर आज़म, एसएम दिलशाद, जमशेद जिमी, अशरफ बस्तीवी, अब्दुल्ला भाई, जुबैर भाई और विशेष रूप से स्थानीय छात्र, युवा व बुज़ुर्ग मौज़ूद थे!पूरे प्रोग्राम का संचालन जावेद अशरफ़ खान तथा समापन संबोधन शिब्ली मंज़ूर ने किया!
AISF के राष्ट्रीय अध्यक्ष शुभम बनर्जी के साथ बातचीत जिसमें वामपंथ और उससे जुड़े विभिन्न छात्र संगठनो की एकता और भविष्य में होने वाले आन्दोलनों पर बातचीत हुई।

https://youtu.be/FcLdcPgSBJk

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