मनी पावर से देश और कोर्ट को चलाना चाहते हैं कुछ रसूखदार लोग- सुप्रीम कोर्ट

Awais Ahmad

चीफ जस्टिस रहज गोगोई पर यौन उत्पीड़न के आरोप और उनके खिलाफ साजिश से दावों से जुड़े मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा कि देश की सर्वोच्च अदालत कुछ ताकतवर और पैसे वाले लोगो की मर्ज़ी से काम नही कर सकती। सुप्रीम कोर्ट ने चिंता ज़ाहिर करटे हुए कहा कि बीते 3-4 सालों से लगातार सुप्रीम कोर्ट को निशाना बनाया जा रहा है ।

जस्टिस अरुण मिश्रा, जस्टिस आर एफ नरिमन और जस्टिस दीपक गुप्ता की विशेष पीठ ने चिंता जाहिर करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसलों को शब्द ताकतवर और पैसे वाले लोग रिमोट के ज़रिए कंट्रोल नही कर सकते है। बीते 3-4 सालों में लगातार सुप्रीम कोर्ट पर सवाल खड़े किए जा रहे है। आखिर इस देश को क्या हो गया है।

मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस अरूण मिश्रा ने कहा कि पैसे और पावर वाले लोग सोचते है कि वो सुप्रीम कोर्ट को चला रहे है, ये अदालत पैसै और पोलिटिकल पावर से नही चलाई जा सकती है। हम सभी लोगों को साफ कर देना चाहते है कि न्यायिक प्रक्रिया में दखल नहीं दे सकते है ।

जस्टिस अरुण मिश्रा ने कहा कि पिछले 3-4 सालों से SC में जो चल रहा है, जिस तरह से आरोप लगाए जा रहे हैं ऐसे में यह संस्था खत्म हो जाएगी। हम हमेशा सुनते है कि बेंच फिक्सिंग हो रही है, यह हर हाल में बंद होना चाहिए। जस्टिस अरुण मिश्रा ने कहा कि लोग नहीं जानते कि आग से खेल रहे हैं. अब समय आ गया है अब हम चुप नहीं बैठेंगे।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि देश के लोगो को सच का पता होना चाहिए कि आखिर कौन लोग हैं जो इस साजिश को अंजाम दे रहे है। कोर्ट ने कहा कि सीजेआई के खिलाफ साजिश के मामले में एक जांच टीम गठित की जाएगी। जो भी लोग यह साज़िश कर रहे है उन्हें नही पता कि वह लोग आग से खेल रहब हैं।

सुप्रीम कोर्ट में वकील उत्सव बैंस ने कल सबूत दिया था
बुधवार को सीजेआई के खिलाफ होने वाली साज़िश का दावा करने वाले वकील उत्सव बैंस ने सुप्रीम कोर्ट को सबूत सौंपे थे। सुप्रीम कोर्ट ने कल सुनवाई के दौरान कहा कि हम जनश करेंगे और फिक्सरों के सक्रीय होबगे और न्यायपालिका के साथ हेराफेरी करने के कथित दावों की तह तक जाएंगे। अगर यह अपना काम करते रहे तो इसमें कोई भी नही बचेफ़ा। इस व्यवस्था में फिक्सिंग की कोई भूमिका नही है। हम इसकी जांच करेंगे और इसे अंतिम निष्कर्ष टकले जाएंगे।

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