यह खबर UPSC-2017 में सफल उम्मीदवारों को निराश करने वाली है  

PMO ने इच्छा जताई , कैडर और सेवा का आवंटन तीन महीने की फाउंडेशन प्रशिक्षण में उनके प्रदर्शन की समीक्षा के  बाद हो

Ashraf Ali Bastavi

नई दिल्ली (एशिया टाइम्स / अशरफ अली बस्तवी की  रिपोर्ट) पिछले महीने यू पी एस सी के नतीजे आने के बाद से सफल उम्मीदवारों के सम्मान सिलसिला जारी है मीडिया में सफल उम्मीदवारों के साक्षात्कार प्रकाशित हो रहे हैं, सोशल  मीडिया पर सैकड़ों सफल उम्मीदवारों की  कड़ी मेहनत है के किस्से नौजवानों को प्रोत्साहित कर रहे हैं ।

यू पी एस सी की पारदर्शिता पर  सभी कामयाब उम्मीदवारों ने  खूब प्रशंसा की . विशेष रूप से वे लोग जो आर्थिक और सामाजिक रूप से कमजोर घरों से आए थे, वे यही  दोहरा रहे हैं कि  हमने  कड़ी मेहनत और यू पी एस सी  की पारदर्शिता के कारण ही यह  सफलता हासिल किया है.  इसमें किसी तरह के भ्रष्टाचार की गुंजाइश नहीं है, लेकिन आप को यह जानकर हैरानी होगी कि अभी तक किसी भी तरह की सरकारी हस्तक्षेप से मुक्त यूपीएससी को भी  प्रभावित करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी  है, पीएमओ  से आज ही यह शोशा  छोड़ दिया गया है।

अंग्रेजी दैनिक दी हिंदू ने आज पीटीआई न्यूज़  एजेंसी के हवाले से  एक खबर की दी है। खबर में कहा गया है कि प्रधानमंत्री कार्यालय ने इच्छा जताई है कि  में सभी सफल उम्मीदवारों को कैडर और सेवा आवंटन उनकी तीन महीने की फाउंडेशन प्रशिक्षण पूरी  होने के बाद प्रशिक्षण में उनके प्रदर्शन की समीक्षा के बाद आवंटित किया जाय  ।

पी एम ओ ने संबंधित विभाग को इसकी समीक्षा करने के लिए कहा है, फाउंडेशन प्रशिक्षण कोर्स की अवधि तीन महीने का होता  है। अभी तक यूपीएससी सभी सफल उम्मीदवारों को उनकी रैंक के अनुसार कैडर और सेवा आवंटित करता रहा है, अब पीएमओ यह जांच  करना चाहता है कि क्यों ना सभी का  प्रशिक्षण पूरा होने के बाद कैडर और सेवा आवंटित किया?

हालांकि पी एम ओ ने इस हस्तक्षेप को फीडबैक का नाम दिया है

कामयाब उम्मीदवार जिन्हें आई ए एस, आई पी एस, आई एफ एस, आई आर एस अपने रैंक के अनुसार मिलना  चाहिए, अब उन्हें तीन महीने तक इंतजार करना पड़ सकता है। यह खबर यू पी एस सी में सफल उम्मीदवारों को निराश करने वाली है जो अपनी रैंक के आधार पर आई ए एस आई पी एस बनने का सपना देख रहे हैं उन्हें इस खबर से तकलीफ पहुंची है  सवाल यह है कि आखिर पी एम ओ को यूपी एस सी के चयन में क्यों दखल दे रहा है .

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