तौबा यह लूट: 1500 फीसदी तक ज्यादा दामों में बेची जा रही हैं दवाएं

Medicine in excess of-the fixed price then here you can complain

Asia Times Desk

नई दिल्ली :  देश में दवाएं 1500 फीसदी तक ज्यादा दामों में बेची जा रही हैं। ये खुलासा देश की सबसे बड़ी निजी दवा निर्माता कंपनी की रिपोर्ट में हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक, यूरिन संबंधी बीमारी की 9 रुपए की दवा सिडनेफिल 149 रुपए में बेची जा रही है।

वहीं हडि्डयों को मजबूत करने वाली 7 रुपए की दवा कैल्शियम कार्बोनेट 120 रुपए में, डायबिटीज की सात रुपए की दवा ग्लिमप्राइड 97 रुपए में, हृदय रोग में इस्तेमाल होने वाली 11 रुपए की एटोरवस्टेटिन दवा 131 रुपए में बेची जा रही है।

दवाओं की यह सूची लंबी है। यही नहीं भास्कर ने जब इस दवा निर्माता कंपनी से बातचीत की तो पता चला कि उन्हीं की दवा अलग-अलग दवा कंपनियां अलग-अलग कीमतों पर बेचती हैं।

ये दवाएं ऐसी हैं, जिनके मूल्यों पर सरकारी नियंत्रण न

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हीं है। यानी बाजार में बेचने वाली दवा कंपनियां दाम खुद तय करती हैं। देश में सिर्फ 850 तरह की दवाइयां ऐसी हैं, जिन्हें सरकार ने जरूरी दवा की श्रेणी में रखा है और इन्हीं दवाइयों की कीमतों पर सरकारी नियंत्रण होता है।

लेकिन अगर आपको ज्यादा कीमत में दवाएं बेची जा रही है या केमिस्ट के गलत या एक्सपायर्ड दवा दि गई हो तो दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य महानिदेशालय में इसकी शिकायत कर सकते हैं।

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