बीजेपी को अछूत समझना मुसलमानों की सब से बड़ी गलती : Dr Tasleem Rehmani​

एशिया टाइम्स टीम की "खास मुलाकात" Muslim Political Council of India के आल इंडिया प्रेसिडेंट के साथ

एशिया टाइम्स

सियासी हलकों में एक नई हलचल: मुसलमानों को बीजेपी से राजनीतिक तौर पर समझौता कर लेना चाहये: डॉ तस्लीम रहमानी

पूरी खबर पढ़ें: http://asiatimes.co.in/controversy-bjp-muslims-tasleem-rehmani/

 

2 thoughts on “बीजेपी को अछूत समझना मुसलमानों की सब से बड़ी गलती : Dr Tasleem Rehmani​

  • November 20, 2017 at 11:21 am
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    बेगैरती का एक पुराना फार्मूला है कि दुशमन से जीत न सको तो उससे दोस्ती कर लो अपनी उमर बढ़ जायेगी। लेकिन इसके लिये यह भी तो ज़रूरी है कि दुशमन के पास भी तो आपके लिये कोई कोड ऑफ़ कन्डक्ट तो हो कि दब कर ही किये गये मुआहिदे का सामने वाला पाबंद तो रहे ।
    सरकार पर पूरी क्या बी जे पी का कब्ज़ा है मगर फिर भी हर वक्त हिन्दुओं को मुसलमानों से डराते रहने के लिये गालियों का सिलसिला जारी है।
    रहमानी साहब एक कड़ुवी सच्चाई बर्दाश्त कर लें प्लीज़ बुरी न मानेंगे कि,
    “क्या उलैमा कौंसिल के मज़हबी जोकरों के साथ इलेक्शन लड़ने से लेकर मुसलिम नौजवानों की फर्ज़ी गिरफ्तारियों की लड़ाई का शौक पूरा हो गया जो मुसलमानों को भाजपा का दर्स दे रहे है”।
    मेरे भाई नाराज़ न होना प्लीज़ एक बार तो सोच लेते कि खुदा को भी जवाब देना है।बात करते हैं…..!
    👉8-10 साल इलेक्शन से दूरी बनाकर गुमनामी में रहते हुए मुसलमानों को सियासी बुनियाद पर मुनज़्ज़म करने के लिये कोई तैयार नहीं होता। बस सब लोग शॉट कट मारने के फेर में लगे रहते हैं ।
    गुस्सा थूक कर सोचियेगा ।

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  • November 20, 2017 at 11:36 am
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    ये हालात मुसलमानों के लिये अब इससे ज़्यादा और खराब क्या होगा ।
    भेडिया आयेगा भेड़िया आयेगा तो जनाब भेड़िया तो आगया अब परेशान पिछड़ों व दलितों को होना है जिन्हें संघी लोग फिर से दलित व शूद्र बनाने पर तुले हैं। ये वक्त तो मुसलमानों के एकतरफ होकर बर्दाश्त करते हुऐ काम करने का और मुगलिया दौर की जुगाली से बाहर निकल कर मुल्क के मौजूदा सियासी ढांचे में अज़सरे नौ मुनज़्ज़म होने का है ।

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