कमल हसन का सियासी सफ़र हमेशा भगवा राजनीति के खिलाफ रहेगा

रविश कुमार

Asia Times News Desk

विचार विमर्श: कमल हसन को करीब से देखा। बहुत देर तक हम उनमें उस वासु को खोजते रहे जिसने हिन्दी की सपना से प्यार किया था। कमल हसन बरखा दत्त के सवालों के जवाब में खुलते चले जा रहे थे। रजनी कांत के बारे में साफ कह दिया कि हम दोनों साथ आ सकते हैं मगर डर है रजनी भगवा न हों।

सियासी सफ़र शुरू करने से पहले कमल हसन ने अपनी लाइन साफ साफ खींच दी। हिन्दुत्व के नाम पर चल रही ऊटपटाँग राजनीति से विरोध रहेगा। वे राष्ट्रीय राजनीति में दक्षिण के प्रभाव का सपना देख रहे हैं। संकीर्णता का नहीं, उदारता का। उन्होंने कहा कि ज़रूरी नहीं आपका पता तमिलनाडु में हो, इरादा एक हो तो आप इस अभियान के सहयात्री बन सकते हैं।

21 फरवरी को उनकी पार्टी लांच हो रही है। कमल हसन काफी सोच कर बहुत कम बोलते हैं।

कमल हसन हावर्ड कैनेडी इंडिया कांफ्रेंस के वक्ता थे। उस मौके के लिए मोटी कोर वाली नई धोती पहनकर आए थे। बरखा के सवालों के जवाब देते देते धोती के कोर से निकले एक धागे से उलझ गए। किसी तरह उसे हथेली में फँसा कर तोड़ दिया। धागा तोड़ते तोड़ते कमल ने रजनीकांत को लेकर अपनी झिझक तोड़ दी। कमल को पोलिटिक्स में सैफ़रन पसंद नहीं है। आज कितने स्टार हैं जो यह बात साफ साफ कह सकते हैं। कमल हसन गांधी और पेरियार को अपना गुरु मानते हैं। बार बार सामाजिक न्याय की बात कर रहे थे।

इंटरव्यू ख़त्म होने के बाद हम कुछ उनकी तरफ बढ़े और कुछ कमल हमारी तरफ। दोनों ने हाथ मज़बूती से थामा और निगाहें किसी पुरानी मुलाकात की तरह टकरा गईं। थोड़ी बातचीत के बीच ही भीड़ ने अपने स्टार को घेर लिया। रात को जब पार्टी में पहुँचे तो उनके सहयोगी ने कहा कि कमल हसन मिलकर अफसोस जताना चाहते हैं कि बातचीत पूरी नहीं हुई।

मैं गया तो कमल हसन को हिन्दी बोलता पाया। वही सँभल संभल कर। कमल हसन शाम को धोती से प्रिंस सूट में आ चुके थे। मुझे फिल्म एक दूजे के लिए से प्यार है। भारत को दक्षिण से एक ऐसा राष्ट्रीय नेता चाहिए जो उत्तर के आम लोगों के दिलों पर राज करता हो। हैप्पी वेलेंटाइन डे। इश्क़ ही ज़िंदाबाद रहेगा, जहां भी चाहे जितना रहेगा।

कमल हसन को उत्तर से ख़ूब सारा प्यार और शुभकामनाएँ ।

रविश कुमार

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