शायद लोग जाति, धर्म और विचारधारा के आधार पर पहले से कहीं अधिक बंटे हुए है – जस्टिस रंजन गोगोई

Awais Ahmad

चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा के विदाई समारोह में भावी चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा कि शायद लोग जाति, धर्म और विचारधारा के आधार पर पहले से कहीं अधिक बंटे हुए है और क्या पहनना चाहिए, क्या खाएं या क्या कहें, ये सब अब व्यक्तिगत जीवन के बारे में सामान्य सवाल नहीं रह गए हैं।

जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा कि संवैधानिक नैतिकता की कसौटी पर मान्यताओं का निरंतर मूल्यांकन होना चाहिए।उन्होंने कहा कि जब भी कोई संशय या संघर्ष उत्पन्न हो तो संवैधानिक नैतिकता ही अहम होनी चाहिए और संविधान के प्रति यही सच्ची भक्ति है।

उन्होंने कहा कि निर्भया मामले का फैसला देते वक्त जिस तरह से जस्टिस मिश्रा ने अपनी भावनाओं का इज़हार किया, वो स्वभाविक था। ये ऐसे व्यक्ति हैं जो अपने नज़दीक आने वाले हर व्यक्ति में देशभक्ति और संवैधानिक मूल्यों के लिए आस्था जगाते हैं। जस्टिस रंजन गोगोई ने आगे कहा कि “आपको अच्छी यादों के साथ विदा कर रहे हैं. आपसे मिलते रहने की ख्वाहिश हमेशा बनी रहेगी”

मंगलवार को सेवानिवृत्त हो रहे चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा के सम्मान में सुप्रीम कोर्ट बार असोसिएशन द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में जस्टिस गोगोई ने निवर्तमान सीजेआई के शानदार करियर के लिए उनकी प्रशंसा की।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *