दुनिया में 4G LTE की औसत स्पीड 17 Mbps , भारत में सिर्फ 6.1 Mbps है; हमें हिन्दू मुस्लिम खेलने से फुर्सत मिले तब ना

पाकिस्तान-श्रीलंका और म्यांमार भी हमसे आगे

Ashraf Ali Bastavi

गैजेट डेस्क. भारत में 4G LTE इंटरनेट की स्पीड सिर्फ 6.1 Mbps है, जो दुनियाभर की औसतन स्पीड से आधी से भी कम है। दुनिया में 4G LTE की औसत स्पीड 17 Mbps है, लेकिन भारत की स्पीड पाकिस्तान, श्रीलंका से भी काफी कम है। इस बात की जानकारी अमेरिका की स्पीड टेस्टर ओपन सिग्नल ने अपनी ताजा रिपोर्ट में दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान में 4G स्पीड 13.56 Mbps है, जबकि श्रीलंका में 13.95 Mbps और म्यांमार में 15.56 Mbps है।

 

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक ग्लोबल स्पीड के मुकाबले भारत की स्पीड एक तिहाई कम :ओपन सिग्नल ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि भारत की 4G स्पीड ग्लोबल स्पीड के एवरेज (17 Mbps) का एक तिहाई कम है। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका में 4G डाउनलोडिंग स्पीड 16.31 Mbps और ब्रिटेन में 23.11 Mbps है। जबकि जापान में 25.39 Mbps की 4G स्पीड मिलती है।

 

इंटरनेट स्पीड के मामले में भारत 109वें नंबर पर :वहीं अमेरिकी स्पीड टेस्टर कंपनी Ookla ने भी हाल ही में इंटरनेट स्पीड में दुनिया के 124 देशों की लिस्ट जारी की है, जिसमें भारत 109वें नंबर पर है। Ookla ने ये रिपोर्ट दुनियाभर में मौजूद 2G,3G और 4G स्पीड को टेस्ट कर तैयार की है। इस रिपोर्ट के अनुसार, भारत में इंटरनेट डाउनलोडिंग स्पीड सिर्फ 9.12 Mbps है, जबकि ग्लोबल एवरेज 23.54 Mbps है।

 

इस वजह से भारत में कम है इंटरनेट स्पीड : टेलीकॉम एक्सपर्ट के मुताबिक, भारत में इंटरनेट स्पीड कम होने का सबसे बड़ा कारण स्मार्टफोन यूजर्स की ज्यादा संख्या होना है। भारत में स्मार्टफोन और इंटरनेट यूजर्स की संख्या बाकी देशों के मुकाबले काफी ज्यादा है। इसके साथ ही यहां पर कम क्षेत्रफल में ज्यादा लोग रहते हैं, जिस वजह से सिग्नल स्ट्रेंथ और वेबलेंथ पर ट्रैफिक रहता है जिसका असर इंटरनेट स्पीड पर पड़ता है।

 

इसके साथ ही भारत में टेलीकॉम पॉलिसी काफी कंफ्यूजिंग है। टेलीकॉम एक्सपर्ट के मुताबिक, अगर भारत में कोई कंपनी नया टॉवर लगाना चाहती है, तो उसके लिए बहुत सारी लिमिटेशन होती है जबकि विदेशों में ऐसा नहीं है और वहां की पॉलिसी क्लियर होती है। भारत में किसी एक जगह पर टॉवर लगाने के लिए अलग-अलग अथॉरिटीज से मंजूरी लेनी पड़ती है।
इन सबके अलावा भारत में विदेशों के मुकाबले स्पेक्ट्रम की कीमत काफी ज्यादा है, जिस वजह से भी भारत में इंटरनेट स्पीड अभी बाकी देशों के मुकाबले काफी कम है।

एक कारण ये भी है कि भारत में पहले सारे टॉवर माइक्रोवेव से जुड़े रहते थे, लेकिन पिछले कुछ सालों से ऑप्टिकल फाइबर का इस्तेमाल होने लगा है। जबकि विदेशों में ऑप्टिकल फाइबर का इस्तेमाल काफी समय पहले से ही किया जाने लगा है। ऑप्टिकल फाइबर के इस्तेमाल से इंटरनेट स्पीड काफी बढ़ जाती है, लेकिन भारत में अब भी ऑप्टिकल फाइबर का इस्तेमाल उतना ज्यादा नहीं होता है।

 

इन 10 देशों में सबसे ज्यादा इंटरनेट स्पीड :

देश स्पीड
1. सिंगापुर 44.31 Mbps
2. नीदरलैंड्स 42.12 Mbps
3. नॉर्वे 41.20 Mbps
4. दक्षिण कोरिया 40.44 Mbps
5. हंगरी 39.18 Mbps
6. बेल्जियम 36.13 Mbps
7. ऑस्ट्रेलिया 36.08 Mbps
8. न्यूजीलैंड 33.52 Mbps
9. बुल्गारिया 33.34 Mbps
10. डेनमार्क 33.09 Mbps

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *