IICC Election 2019 : प्रेसिडेंट का चुनाव करने से पहले मेंबर्स बरतें यह सावधानी

देखना यह है की आने वाली 6 जनवरी को जब 3200 मेम्बर प्रेसिडेंट का चुनाव करेंगे तो उनकी   प्राथमिकताएँ क्या होंगी

Asia Times Desk

नई दिल्ली :  (एशिया टाइम्स डेस्क) “ लीडर वह होता है जो रास्ता जानता है ,रास्ते  पर चलता है और दूसरों को रास्ता दिखता है , लीडर वह होता है जो लक्ष्य पर आधारित कम्युनिटी का स्पस्ट विज़न तय करता है . उन्हें हौसला देता है, उनका मार्गदर्शन करता है .नैतिक मूल्यों के आधार  पर उन्हें तैयार करता है , लीडर वह होता है जो लक्ष्यों को प्राप्त करने की प्रक्रिया में दूसरों को शामिल करता है “ .

एक आदर्श लीडर की क्वालिटी बयाँ करने वाली उक्त पक्तियां मुझे बहुत पहले नज़र से गुजरीं थीं . जिनका ज़िक्र आज यहाँ मुनासिब मालूम होता है.

इंडिया इस्लामिक कल्चरल सेंटर  (IICC) के  इलेक्शन मुहिम पूरे शबाब पर है पिछले एक माह से दावतों और शाही दावतों का दौर जारी है

 

पहले से मैदान में डटे ग्रुप का कहना है की IICC को सियासी हाथों का खिलौना बनने से बचाने के लिए सिराजुद्दीन कुरैशी और उनकी टीम की जीत वक़्त की ज़रुरत है. हमारे पास IICC के डेवलपमेंट का एजेंडा है. घपलों से पाक शानदार 15 साल के काम का तजरबा है, हमारे पास संजीदा लोगों की टीम है . 

दूसरा ग्रुप पूर्व कैबिनेट मंत्री आरिफ मोहम्मद खान का है जिसका मुतालबा है की 15 वर्ष से एक ही व्यक्ति का पद पर बने रहना सेंटर के हक में बेहतर नहीं है ,तबदीली  वक़्त की पुकार है , इस ग्रुप का कहना है की IICC तो पिछले 15 साल में अपनी असल पहचान  भी नहीं बना सका जिसके लिए उसे कायम किया गया था . IICC का संविधान ही हमारा एजेंडा है .

वोटिंग में अब सिर्फ 3 दिन रह गये  हैं , आरोप प्रत्यारोप  में दोनों तरफ से खूब तीर की बौछार की जा रही है , लेकिन अफ़सोस का मुकाम यह है मुस्लिम बुद्धजीवियों के इस इलेक्शन में प्रयोग होने वाली भाषा नैतिक सरहदें  लाँघ गई है.

सिराजुद्दीन कुरैशी को 15 साल की anti incumbency  का सामना है तो आरिफ मुहम्मद खान को 1986  शाह बानो केस में बनी इमेज तंग कर रही है . 

देखना यह है की आने वाली 6 जनवरी को जब 3200 मेम्बर प्रेसिडेंट का चुनाव करेंगे तो उनकी  क्या प्राथमिकताएँ होंगी ,

सभी मेम्बेर्स को चाहिए की अपने पसंद के लीडर को वोट करने से पहले एक बार इस स्टोरी के पहले सेक्शन में  बयां उक्त पंक्तियाँ ज़रूर अपने ज़ेहन में रखें .यकीन जानिए इंडिया इस्लामिक कल्चरल सेंटर के अगले  प्रेसिडेंट का बहुत आसान हो जायेगा  .

Asia Times
Advt

 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *