बाबरी मस्जिद विवाद: फैज़ाबाद कोर्ट में पेश हुए कई मुस्लिमों के हलफनामे SC में रखे गए

Awais Ahmad

अयोध्या भूमि विवाद मामले मेंगुरुवार को सुप्रीम कोर्ट की पांच सदस्यीय बेंच ने 10वें दिन सुनवाई की। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली बेंच के सामने याचिकाकर्ता गोपाल सिंह विशारद की ओर से वकील रंजीत कुमार ने दलीलें पेश कीं।

गोपाल सिंह विशारद के वकील रंजीत कुमार ने दलील शुरू करते हुए कहा मेरी दलीलें वकील पराशरन और वैद्यनाथन द्वारा दिये गए उन तर्कों से सहमत हैं जो ये साबित करते हैं कि उक्त जमीन खुद में दैवीय भूमि है। वकील रंजीत कुमार ने कहा कि भगवान राम का उपासक होने के नाते मेरा मेरा वहां पर पूजा करने का अधिकार है, यह मेरा सिविल अधिकार है, जिसे छीना नहीं जा सकता, यही वो जगह है जहां भगवान राम का जन्म हुआ था, मैं यहां पर पूजा करने का अधिकार मांग रहा हूँ।

वकील रंजीत कुमार 80 साल के अब्दुल गनी की गवाही का हवाला देते हुए कहा को गनी ने कहा था बाबरी मस्जिद जन्मस्थान पर बनी है बिर्टिश राज में मस्जिद में सिर्फ जुमे की नमाज़ होती थी हिन्दू भी वहां पर पूजा करने आते थे। गोपाल सिंह विशारद के वकील रंजीत कुमार ने कहा कि मस्जिद गिरने के बाद मुस्लिम ने नमाज़ पढ़ना बंद कर दिए लेकिन हिंदुओं ने जन्मस्थान पर पूजा जारी रखी।

गोपाल सिंह विशारद के वकील रंजीत कुमार ने 20 हलफनामों को SC के सामने रखा, इसमें से मुस्लिम हलफनामों में कहा गया कि उन्हें इसमें कोई आपत्ति नहीं है कि विवादित जमीन को अगर हिंदुओं को दे दिया जाता है।

अपनी दलील रखते हुए रंजीत कुमार ने कहा कि 1949 में मुस्लिम पक्ष ने कहा था कि वह 1935 से वहां पर नमाज नहीं पढ़ रहे हैं। ऐसे में अगर जमीन को हिंदुओं को दिया जाता है तो कोई परेशानी नहीं होगी। सुप्रीम कोर्ट ने हलफनामे की वैधता पर सवाल करते हुए पूछा कि क्या यह हलफनामे वेरिफाई हैं। जस्टिस बोबड़े ने कहा कि यह हलफनामा तब दिया गया था जब सरकार विवादित जमीन को रिसीवर को देना चाहती थी, क्या यह बातें कभी मजिस्ट्रेट के सामने साबित हो पाई थी?

सुप्रीम कोर्ट ने रंजीत कुमार से पूछा कि उन्हें यह हलफनामे दर्ज कराने का आवेदन पत्र कहाँ से लिया, इसके संबंध में मजिस्ट्रेट का आदेश था? रंजीत कुमार ने जवाब दिया कि 20 लोगों में14 एफिडेविट दाखिल कर कहा था कि विवादित स्थल पर मंदिर था जिसको गोपाल सिंह विशरद ने हाई कोर्ट के समक्ष रखा था।

अयोध्या ज़मीन विवाद मामले में पहले याचिकाकर्ता गोपाल सिंह विशारद के लिए वकील रंजीत कुमार ने दलीलें पूरी की। रंजीत कुमार ने सुप्रीम कोर्ट में हज़ारों सालों की आस्था का हवाला दिया। पहले याचिकाकर्ता स्व. गोपाल सिंह विशारद के लिए वकील रंजीत कुमार ने दलीलें पूरी की। हज़ारों सालों की आस्था का हवाला दिया। फैज़ाबाद कोर्ट में पेश कई मुस्लिमों के हलफनामे दिखाए। हलफनामा देने वालों ने विवादित जगह को राम जन्मस्थान माना था। मामले की सुनवाई कल जारी रहेगी।

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