26/07/2017


पुरुष 21 सेकंड भी नहीं रह सकते मोबाइल बिना : रिसर्च

Agency

 

लंदन. पुरुष स्मार्टफोन के बिना 21 सेकंड से ज्यादा नहीं रह सकते। आप इसे सनक या लत भी कह सकते हैं पर ये सच है। ये निष्कर्ष हालिया रिसर्च में सामने आया है। जबकि महिलाओं ने 57 सेकेंड तक सब्र रखी।
जर्मनी की वुर्जबर्ग यूनिवर्सिटी और नॉटिंघम ट्रेंट यूनिवर्सिटी ने ग्लोबल सायबर सिक्युरिटी फर्म की पहल पर मिलकर ये रिसर्च की है। इसके लिए पुरुषों और महिलाओं को स्मार्टफोन देकर अलग-अलग 10 मिनट तक कमरों में बैठाया गया था। पुरुष तो 21 सेकंड में ही स्मार्टफोन में ताका-झांकी करने लगे थे। पुरुषों और महिलाओं द्वारा फोन चेक करने का औसत समय 44 सेकंड निकल कर आया।

नॉटिंघम ट्रेंट यूनिवर्सिटी के जेंस बाइंडर के मुताबिक ‘डिजिटल डिवाइस के साथ इंसान की बढ़ती नजदीकी को आंकने के लिए ये रिसर्च हुई। इस दौरान प्रतिभागियों से पूछा गया कि उन्हें कैसा महसूस हुआ जब उन्हें वेटिंग रूम में रहने के बाद उन्होंने दोबारा स्मार्टफोन हाथ में लिया? उनका जवाब था कि वास्तविकता में आने में दो से तीन मिनट का समय लगा। कुल मिलाकर इस सब का निष्कर्ष यह है कि इंसान डिवाइस से इतने ज्यादा जुड़ चुके हैं कि उन्हें खुद भी इसका अंदाजा नहीं है। यदि यूजर्स से पूछा जाए कि वो कितनी देर में मोबाइल चेक करते हैं तो शायद जवाब होगा 15-20 मिनट या आधे घंटे। पर कोई पर नजर रखे तो पता चलेगा कि मुश्किल से पांच मिनट भी वो मोबाइल देखे बिना नहीं रह पाते। दरअसल ये स्वभाव में शामिल हो गया है।’
स्मार्ट डिवाइस से तत्काल मिलने वाली जानकारियां और उनकी शेयरिंग से लोगों के डिजिटल साथी बढ़ गए हैं। अब इसी रिसर्च को देखें तो दस मिनट के सेशन में आधे समय तो लोग स्मार्टफोन इस्तेमाल करते रहे। स्टडी में यह भी सामने आया है कि हम जितनी ज्यादा देर मोबाइल इस्तेमाल करते हैं उतना ही ज्यादा तनाव हम पर हावी होता है।
रिसर्च के अगले चरण में पता चला कि बार-बार फोन चेक करने की इस मजबूरी की वजह है यूजर्स का भय। उन्हें लगता है कि जब वो ऑनलाइन नहीं थे, तब कुछ खास मिस तो नहीं कर दिया। वुर्जबर्ग यूनिवर्सिटी का निष्कर्ष है कि प्रतिभागियों ने फोन का जितना ज्यादा इस्तेमाल किया उनका डर उतना ही बढ़ता जाता है

 





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