25/09/2017


सीरिया में फिर मासूम बने शिकार: 13 की मौत, एयरफोर्स के हमले में अपने भाई को खोने के बाद फूट-फूटकर कर रोए 2 बच्चे

dainikbhaskar.com

 

अलेप्पो. सीरिया की एयरफोर्स के हमले में 11 बच्चे मारे गए हैं। सरकारी सेना ने ये हमला कुछ दिन पहले विद्रोहियों के कब्जे वाले बाब अल-नैराब शहर पर किया। हमले के बाद का वीडियो सामने आया है, इसमें रेसक्यू टीम को मलबे से बच्चों को निकालते देखा जा सकता है। इसी हमले का एक और वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें भाई के मारे जाने से दुखी दो बच्चे फूट-फूटकर रोते दिखाई देते हैं। बता दें कि पिछले हफ्ते हमले में जिंदा बचे पांच साल के ओमरान दाकनिश के वीडियो ने पूरी दुनिया को चौंका दिया था। मलबे से निकाली नवजात की बॉडी...
- हमले में 11 बच्चों समेत 15 लोग मारे गए। एक वीडियो में रेसक्यू टीम मलबे से नवजात की बॉडी निकालते नजर आती है। दूसरे में धूल से सने दो बच्चे रोते दिखाई देते हैं। (यहां क्लिक करके देखें वीडियो)
- एक और वीडियो भी सामने आया है। यह अलेप्पो शहर के एक हॉस्पिटल पर हुए हमले के बाद का है। इसमें बच्चों की चीखें सुनाई देती हैं। यहां हमले में दो बच्चे मारे गए थे।
बैरल बम का इस्तेमाल
- राष्ट्रपति बशर अल असद की सरकार पर अपने ही नागरिकों के खिलाफ बैरल बम के इस्तेमाल का आरोप है। लेकिन वो इससे इनकार करते हैं।
- अलेप्पो के पूर्वी हिस्से में ढाई जबकि पश्चिमी में 12 लाख लोग रहते हैं। यूएन के मुताबिक, 2011 से जारी सिविल वॉर में तीन लाख लोग मारे गए हैं। एक करोड़ बेघर हो गए हैं।
- सीरियन सेंटर फॉर पॉलिसी रिसर्च मारे गए लोगों का आंकड़ा चार लाख सत्तर हजार बताती है।
ओमरान के वीडियो से यूएन समेत पूरी दुनिया सदमे में
- पिछले हफ्ते अलेप्पो में हुए हवाई हमले में 5 साल का ओमरान दाकनिश बुरी तरह घायल हो गया था। ओमरान की फोटो और वीडियो को लाखों बार शेयर किया गया। (ओमरान की खबर यहां क्लिक करके पढ़ें)
- ओमरान की तुलना एलन कुर्दी से की गई। एलन सीरिया का शरणार्थी बच्चा था, जिसकी सितंबर 2015 में समुद्र में डूबने से मौत हो गई थी।

कैसे शुरू हुआ सीरियाई संकट?
- 2011 में हुई एक छोटी-सी घटना ने सीरिया में सिविल वॉर का रूप ले लिया। मामला कुछ बच्चों की गिरफ्तारी के बाद शुरू हुआ था। 
- जुलाई 2011 में सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद करने के लिए सीरियन आर्मी के अफसरों के एक ग्रुप ने सेना छोड़ फ्री सीरियन आर्मी का गठन किया।
- 2011 - 2012 में कई सुसाइड बम ब्लास्ट हुए। अल कायदा सरगना अयमान अल जवाहिरी ने सीरियाई लोगों से जिहाद की अपील की। अब यहां आईएस भी एक्टिव है। 
- असद को रूस सपोर्ट कर रहा है। वहीं, अमेरिका पर आरोप है कि वह विद्रोहियों की मदद कर रहा है।

 





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