26/09/2017


रोहिंग्या मुसलमानों पर अत्याचार बदतरीन कृत्य: वसीम खान

 सन्त कबीर नगर : आल इण्डिया मजलिसे इत्तेहादुल मुस्लिमीन के कार्यालय पर म्यामार मे हो रहे रोहिंग्या मुसलमानों के कत्लेआम और अमानवीय व्यवहार के विरोध में एक बैठक हुयी। बैठक को संबोधित करते हुए एआईएमआईएम के जिला महासचिव वसीम खान ने कहा कि बर्मा में रोहिंगया मुसमानों पर जिस तरह के अमानवीय व्यवहार सरकार की देखरेख में करायें जा रहे हैं और जिस प्रकार रोहिंग्या मुसलमानों का सुनियोजित तरीके से कत्लेआम कराया जा  रहा है वह इससे पहले विष्व भर में कहीं नहीं देखा गया।

आंग सांग सूकी के इषारे पर वहां की फौज और बौद्धिष्ठ आतंकियों द्वारा मुसलमानों का नरसंहार कराया जा रहा है जिससे एक बड़ी संख्या में मुसलमान बेघर और हजारों की संख्या में मारे जा चुके हैं लाखों बेसहारा मुसलमान वहां से पलायन करने पर मजबूर हैं।एैसी स्थिति में नोबल पुरस्कार पाने वाली सूकी भी गैरजिम्मेदाराना बयान दे रही है।

श्री वसीम खान ने सभी मुस्लिम देषों और संयुक्त राष्ट्र संघ से म्ंयामार में हो रहे नरसंहार को रोकने के लिए पहल करने की अपील की और कहा कि आंग सांग सूकी इस नरसंहार में पूरी तरह से जिम्मेदार है।जितनी भी जल्दी हो सके सूकी को दिया गया षांति नोबल पुरस्कार वापस ले लेना चाहिए। इतने बड़े नरसंहार के बाद षांति पुरस्कार का सूकी के पास बने रहना नोबेल पुरस्कार का मजाक उड़ाना है।

बैठक को संबोधित करते हुए एमआईएम के जिलाध्यक्ष इरषाद आलम ने कहा कि 13 सितम्बर 2017 को दिन में 9 बजे जिला मुख्यालय सन्त कबीर नगर पर बर्मा में रोहंग्याई मुसलमानों पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ एक षांति मार्च निकाल कर विरोध दर्ज कराया जाएगा और जिलाधिकारी महोदय को ज्ञापन भी दिया जाएगा

जिससे षांति पुरस्कार पर कब्जा जमा के बैठी हुयी सूकी के संबध में विष्व समुदाय को बताया जा सके कि षांति पुरस्कार लेने वाली सूकी के दिल में रोहिंग्याई मुसलमानों के खिलाफ कितनी दुष्मनी भरी है। उन्होनें अपील किया कि रोहिंग्याई मुसलमानों पर हो रहे अत्याचार के इस विरोध प्रर्दषन में आम जनता एवं पार्टी कार्यकर्ता बड़ी संख्या में भाग लें ताकि संयुक्त राष्ट्र संघ पर दबाव बनाया जा सके।





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