26/07/2017


ब्रिटेन में चुनाव परिणाम के बाद टेरीजा पर बढ़ा दबाव, ब्रेग्जिट संबंधी अनिश्चितता गहराई

अदिति खन्ना: लंदन, नौ जून :भाषा: ब्रिटेन में मध्यावधि चुनाव में ब्रिटेन की प्रधानमंत्री टेरीजा मे की कंजर्वेटिव पार्टी बहुमत हासिल करने में नाकाम रही जिससे उन पर इस्तीफा देने का दबाव बढ़ गया है। टेरीजा ने जटिल ब्रेग्जिट वार्ता में अपनी स्थिति मजबूत करने के प्रयास के तहत निर्धारित समय से तीन साल पहले चुनाव कराए थे।

हालांकि कंजर्वेटिव पार्टी ब्रिटेन की 650 सदस्यीय संसद के लिए हुए चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बन कर उभरी है लेकिन जेरेमी कोर्बिन के नेतृत्व में विपक्षी लेबर पार्टी के शानदार प्रदर्शन के बाद टेरीजा के अपने पद पर बने रहने को अपमानजनक बताया जा रहा है।

ब्रितानी मीडिया के अनुसार परिणाम टेरीजा के लिए अपमानजनक हैं।

ब्रेग्जिट वार्ता 19 जून को आरंभ होनी है, लेकिन दोनों बड़े राजनीतिक दलों के भाग्य के एक तरह से पलटने से इस वार्ता कार्यक्रम को लेकर अनिश्चितता पैदा हो गई है।

कंजर्वेटिव पार्टी को 314 और लेबर पार्टी को 261 सीट मिली हैं। कुछ सीटों का चुनाव परिणाम आना शेष है। कोई भी पार्टी बहुमत हासिल करने के लिए आवश्यक 326 सीटों का आंकड़ा नहीं छू पाने के करीब नहीं है।

टेरीजा ने दक्षिण-पूर्व इंग्लैंड की अपनी मेडनहेड सीट पर भले ही 37,780 मतों से जीत हासिल कर ली लेकिन संसद में बहुमत खोने के बाद उन पर इस्तीफा देने का दबाव बढ़ गया है।

चुनाव पूर्व सभी सर्वेक्षणों में टेरीजा को शानदार जीत के साथ बहुमत मिलने की संभावना जताई गई थी लेकिन कोर्बिन के नेतृत्व में लेबर पार्टी ने उम्मीद से कहीं बेहतर प्रदर्शन किया।

इस चुनाव को ब्रेग्जिट चुनाव के तौर पर देखा जा रहा था और इस परिणाम को उन 48 प्रतिशत लोगों के लिए उम्मीद की किरण समझा जा रहा है जिन्होंने जून 2016 में हुए जनमत संग्रह में यूरोपीय संघ में बने रहने के लिए वोट दिया था।





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