26/09/2017


भारत में नोट बंदी का प्रभाव पुरे विश्व में पड़ा है।लेकिन मित्र राष्ट्र नेपाल ज़्यादा ही प्रभावित है

सग़ीर ए खाकसार/स्वतंत्र पत्रकार

बढ़नी,सिद्धार्थनगर। भारत में नोट बंदी का प्रभाव पुरे विश्व में पड़ा है।लेकिन मित्र राष्ट्र नेपाल ज़्यादा ही प्रभावित है।भारत में नोट बंदी के बाद नेपाल ने भी 500 और 1000 के नोटों को यहाँ बंद करदिया है।नेपाल का पर्यटन और निर्यात दोनों बुरी तरह प्रभावित हुआ है।नेपाल राष्ट्र बैंक ने भारतीय रिज़र्व बैंक को पत्र लिख कर मैत्रीपूर्ण समाधान निकालने की भारत से मांग की है।। नेपाल बैंकिंग क्षेत्र के उच्च पदस्थ सूत्रों की माने तो नेपाल राष्ट्र बैंक में अच्छी खासी भारतीय मुद्रा नगदी के रूप में है।बताते चले क़ि नेपाल में नेपाली नागरिकों को 500 और 1000 रूपये के रूप में 25000 रूपये तक रखने की छूट थी।इसके अलावा जो लोग भारत के सीमावर्ती इलाकों में रहते है वो भारी मात्रा में भारतीय मुद्रा से कारोबार करते हैं।यूँ तो नेपाल में किसी एक ब्यक्ति के पास भारी मात्रा में भारतीय मुद्रा रखने की खबर तो नहीं है।लेकिन ज़्यादा लोग भारतीय मुद्रा अपने पास रखते है यह एक बड़ा सच है। ताज़ा उत्पन्न हालात से निपटने के लिए नेपाल के वित्त मंत्रालय ने भारतीय वित्त मंत्रालय को पत्र लिख कर नेपाल में ही नेपाली नागरिकों के नोट को बदलने की मांग की है।क्योंकि अधिकांश नेपाली नागरिकों का भारत के बैंकों में खाता नहीं है।इस नोट बंदी का नेपाल के ब्यापार, पर्यटन,और निर्यात पर असर पड़ रहा है।नेपाल में पर्यटकों की संख्या में गिरावट आरही है।जो पर्यटक पहले से मौजूद है उन्हें भी मुसीबत उठानी पड़ रही है।होटल ब्यापारी कृष्ण भट्टराई कहते हैं कि पहले भारतीय मुद्रा से नेपाल में आसानी से खरीद फरोख्त हो जाती थी लेकिन अब मनी एक्सचेंजरों पर पैसा नहीं है ।अगर है भी तीन से साढ़े तीन फीसदी शुल्क लेकर मुद्रा परिवर्तन करने वाले एक्सचेंजर अब 15 फीसदी तक शुल्क वसूल रहे है।नेपाल के कैसिनों बंद पड़े है।आप को बतादें नेपाल के कैसिनों में नेपाली नागरिकों की आवाजाही पर रोक है।।यह सिर्फ विदेशियों के लिए ही है।नेपाली कैसिनो में एक अनुमान के मुताबिक 10 फीसदी भारतीय लोग जाते हैं और वहां भारतीय मुद्रा आधिकारिक रूप से चलता है। कैसिनों से जुड़े शिव राई कहते हैं कि कुछ कैसिनों तो बिलकुल बंद है जो खुलता भी उसमे कोई आता नहीं है।नेपाल का ब्यापार भी नोट बंदी की मार झेल रहा है। सीमा से सटे ब्यापारी बासुदेव कहते है कि भुगतान के लिए हमारे पास पैसे नहीं है ।भारतीय ब्यापारी भारत में अपने नोट को बदलने में लगे है। लगता है सामान्य हालात होने में अभी समय लगेगा।। सीमा से सटे कृष्णनगर में नेपाल राष्ट्र बैंक ने नेपाली मुद्रा को भारतीय मुद्रा में बदलने के प्रक्रिया शुरू करदी है।बत्तीस सौ पांच नेपाली रुपये के सापेक्ष दो हज़ार भारतीय मुद्रा दिए जारहे हैं जिसके लिए नेपाली नागरिकता का होना अनिवार्य शर्त है।नेपाल राष्ट्र बैंक की शाखाओं पर भारी भीड़ उमड़ रही है।सीमा से सटे कृष्णा नगर की शाखा में आज अल सुबह ही भारी भीड़ देखी गयी।बैंक खुलने से पूर्व ही लंबी कतारें लग गईं।हालाँकि इस कदम से थोड़ी राहत भी मिल रही है। नेपाल में फिलवक्त कई अरब भारतीय मुद्रा होने का अनुमान लगाया जारहा है।नेपाल सरकार ने भारत से इस समस्या का मैत्रीपूर्ण समाधान करने की मांग की है।यही नहीं नेपाली प्रधामंत्री पुष्प कमाल दाहाल ने भारतीय प्रधानमंत्री से भी इस संबंध में बात की है।जिस पर भारत ने सकारात्मक कदम उठाने का आश्वाशन दिया है





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