हज सब्सिडी का सच आँकड़ों की जुबानी

यदि एक लाख छत्तीस हजार हज यात्रियों को हज कराने का टेंडर निकाला जाए तो इसमें 15 से 20 हजार रूपए की और बचत हो सकती है।

एशिया टाइम्स

हज सब्सिडी विशेष: मक्का शरीफ से भारत के लिये हाजियों का कोटा एक लाख छत्तीस हज़ार (1,36,000) का है। पिछले साल सरकार ने सालाना बजट में 691 करोड़ हज सब्सिडी के तौर पर मंज़ूर किये थे। 691 करोड़ अगर इन 1.36 लाख हाजियों में बांटे जाएँ तो प्रति हाजी यह सब्सिडी लगभग 50.8 हज़ार होती है यानि लगभग एक हाजी के लिए 50000 रुपये। अब अगर खर्च को जोड़ लिया जाए तो पिछले साल एक हाजी ने हजयात्रा के लिए सरकार को एक लाख अस्सी हज़ार (1,80,000) अदा किये। जिसमें से चौंतीस हज़ार (34,000) लगभग (2100) रियाल मक्का पहुँचने के बाद खर्च के लिए उसे वापस मिले। यानि, 1.8 लाख – 34000 = 1.46 लाख।

यह भी देखें: मोदी सरकार का FDI पर U टर्न 

उस हिसाब से एक हाजी सरकार को एक लाख छियालीस हज़ार (1,46,000) रुपये अदा करता है। हज पर जाने वाले यात्रियों के लिए दिल्ली, मुम्बई, लखनऊ से जद्दाह रिटर्न टिकट अगर 2 महीने पहले बुक किया जाए तो कुछ फ्लाइट का किराया 25000 रुपये से भी कम होगा । फिर भी 25000 रुपये मान लेतें हैं । अगर चाहें तो IRCTC पर क्रॉस चेक किया जा सकता है। खाना, टैक्सी, बस का इंतज़ाम हाजियों को अलग से अपनी जेब से करना होता है।

अब एक नज़र डालते हैं सरकार को अदा किये गए एक लाख छियालीस हज़ार रुपये (1,46,000) में से होने वाले अनुमानित खर्च पर;
फ्लाइट – 25,000
मक्का में रहना(25दिन) – 50,000
मदीना में रहना(15दिन) – 20,000
अन्य खर्चे – 25,000
कुल खर्च -1,20,000

इस लिहाज़ से एक हाजी से लिये 1,46,000 रुपये और खर्च आया 1,20,000 रुपये। मतलब एक हाजी अपनी जेब से सरकार को अनुमानतः 26,000 रूपये अधिक देता है। अर्थात हाजी सारा रुपया अपनी जेब से खर्च करता है और उसके ऊपर भी 26,000 रुपये और सरकार के पास चला जाता है । मतलब लगभग एक हाजी से रूपये 50 हज़ार सब्सिडी मिला कर सरकार के पास 76 हज़ार हो जाता है तो आखिर ये पैसा जाता कहाँ है ? अब अगर इसे मोटे तौर पर जोड़ा जाए तो आंकड़ा कुछ इस प्रकार का निकलेगा।

26,000+50,000 = 76000 (बचत)× 1,36,000 हाजी =10,33,60,00,000 (दस अरब तेतीस करोड़ साठ लाख रुपया)
यदि एक लाख छत्तीस हजार हज यात्रियों को हज कराने का टेंडर निकाला जाए तो इसमें 15 से 20 हजार रूपए की और बचत हो सकती है। ज्ञात हो कि जो खर्च बताए गए हैं उनमें एक रूपये का भी अन्तर नहीं है क्योंकि आम दिनों में उमरा करने पर लगभग यही खर्च आता है। सरकार एयर इंडिया के ज़रिये ही हज यात्रा का इंतज़ाम करती है।

Abdul Qadeer

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *