क्या नेताओं को मंत्री बनने के लिये योग्यता की जरूरत नहीं?

एशिया टाइम्स

हैदराबाद: पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त टीएस कृष्णमूर्ति ने मंत्रियों की शैक्षिक योग्यता पर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने मंत्री बनने के लिए न्यूनतम शैक्षिक योग्यता अनिवार्य करने के साथ ही ऐसे पद के लिए अधिकतम आयु सीमा निर्धारित करने का सुझाव भी दिया है. कृष्णमूर्ति ने अपने सुझाव में कहा कि किसी को भी मंत्री बनने के लिए (राज्य और केंद्र दोनों में) वर्तमान के 25 वर्ष की आयु की बजाए कम से कम 35 वर्ष का होना चाहिए.

यह पूछे जाने पर क्या उन्हें लगता है कि विधायक या सांसद बनने के लिए भी न्यूनतम शैक्षिक योग्यता होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि यह चर्चा का विषय है और यहां ‘कुछ अनपढ़ बुद्धिमान और पढ़े लिखे बेवकूफ राजनेता भी हैं.’ उन्होंने समाचार एजेंसी भाषा से कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि केवल शिक्षा ही एक व्यक्ति को योग्य बनाती है. लेकिन मंत्रियों के लिए हां, अगर उनके पास कुछ बुनियादी शिक्षा होगी तो यह अच्छा होगा क्योंकि उन्हें फाइलें देखनी होती हैं और निर्णय लेने होते हैं.

कृष्णमूर्ति ने कहा, ‘विधायकों के लिए , मैं उनमें से नहीं हूं जो यह पुख्ता तौर पर मानते हैं कि कोई शैक्षिक योग्यता होनी चाहिए.’ उन्होंने कहा, ‘मैं कहता हूं कि (मंत्री बनने के लिए) इसे 35 कर दीजिए. मैं कहूंगा कि कोई भी व्यक्ति तब तक मंत्री नहीं बन सकता जब तक वह 35 अथवा 40 वर्ष का नहीं हो जाता. तब उनमें थोड़ी परिपक्वता होगी.’

गौरतलब है कि हाल ही में पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त ने ईवीएम को लेकर एक बयान दिया था. उन्होंने कहा था कि इन मशीनों पर पूरा भरोसा किया जा सकता है और वह सुरक्षित भी हैं. उन्होंने कहा कि ‘मशीनें गलती नहीं करती बल्कि इंसान करते हैं.’

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