रक्तदान द्वारा बचाई जा रही है इंसानियत

A R Rahman Saifi

बिहार: कहते है किसी काम को धर्म बना लेने से उस क्षेत्र में आपकी पहचान स्वयं ही बन जाती है ऐसी ही पहचान गोपालगंज और सिवान ज़िले में डिस्ट्रिक्ट ब्लड डोनर टीम DBDT की बनी है ।आज से लगभग एक वर्ष पूर्व रक्तदान महादान के इस अभियान की शुरुवात हुई और अब ये एक कारवां बन चुका है । विगत एक सालो में इस समूह की सदस्य संख्या दो हजार से भी ज्यादा हो चुकी है । अब तक इस टीम ने लगभग पाँच सौ से भी ज्यादा लोगो की ज़िंदगी बचाने का काम किया है इसे लेकर बिहार राज्य रक्तदाता परिषद ने इसे राज्य भर रक्तदान समूह की लिस्ट में जगह दिया है । बताया जाता है कि इस समूह को इस लिस्ट में ग्यारवें स्थान पर रखा गया है।ज़िला के इस रक्तदान समूह को परिषद के तरफ से रक्तदान के क्षेत्र में सेवाभाव के लिए सम्मानित करते हुए प्रमाण पत्र दिया गया है । बिहार का प्रमुख सामाजिक संस्था माँ वैष्णो देवी सेवा संस्थान के बैनर तले बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी भी इस टीम के सदस्यो को सम्मानित कर चुके है ।इसके अलावा गोपालगंज के जिला पदाधिकारी राहुल कुमार के द्वारा भी टीम को पुरस्कृत किया गया है ।

टीम के सक्रिय सदस्य अनवर हुसैन व परवेज आलम ने बताया कि किसी भी अस्पताल में जिस व्यक्ति को ब्लड की आवश्यक्ता होती है हमारे टीम के साथी उसी समय जाकर उन्हें ब्लड देते है । वही जिस ब्लड के ग्रुप की आवश्यकता होती है उसी ग्रुप के साथी को वहाँ भेजा जाता है इससे बिना किसी परेशानी के मरीज़ को ताज़ा ब्लड उपलब्ध होता है ।

 

*डोनर करते है सोशल मीडिया का प्रयोग*

इस टीम के सदस्य कही भी हो इन्हें सोशल मीडिया के माध्यम से ब्लड के आवश्यकता के बारे में जानकारी दी जाती है । व्हाट्सअप पर ब्लड का ग्रुप,जगह,मरीज़ का नाम लिखकर डाला जाता है । वही जिस सदस्य का संबंधित ग्रुप होता है वो अपना कॉन्फॉर्मेशन देते है उसके बाद डोनर जरूरतमंद तक पहुँच अपना रक्तदान करते है ।

*अन्य जिलों में भी टीम है कार्यरत*

इस टीम के सदस्य ना सिर्फ गोपालगंज बल्कि सिवान,गोरखपुर ,पटना,लखनऊ और दिल्ली में भी अपनी सेवाएं दे रहे है ।

*कौमी एकता की एक मिसाल बनी टीम डीबीडीटी*

इस टीम के सदस्यो का नारा है
ना जगह ना मौसम ना जात देखा करते है
हम रक्तदानी है बस हालात देखा करते है

जी हाँ इस टीम में क्या हिन्दू और क्या मुस्लिम । प्रत्येक सदस्य एक दूसरे के नशो में अपना खून बहाकर इंसानियत व कौमी एकता की एक मिसाल पेश कर रहे है ।टीम के सदस्य व पेशे से शिक्षक विवेक प्रताप राव ने पाखोपाली निवासी नाज़िया खातुन को अपना रक्त दान किया था वही हरदिया निवासी अबू बकर ने उर्मिला देवी को अपना खून देकर कौमी एकता की एक मिसाल पेश की थी ।ऐसे एक नही सैकड़ो मामलों में गंगा जमुनी तहजीब की मिसाल देखने को मिली है ।

*लवारिशो के वारिश*

इस टीम के सदस्य ना केवल रक्तदान करते है बल्कि ज़िले के सभी लावारिश लाशो का भी अंतिम संस्कार करते है ।लावारिश लाशो को उनके धार्मिक रीति रिवाज के अनुसार ही अंतिम संस्कार किया जाता है।

इस टीम के मुख्य सदस्यो में अनवर हुसैन, परवेज आलम,नन्हू जी प्रसाद,अनस सलाम, राजीव कुमार सिंह, मोहम्मद सोहैल, मोहम्मद कैश,बाबूदीन अहमद,इमरान अहमद,नज़रे इमाम उर्फ भुटकुन,डॉक्टर अमर कुमार,डॉक्टर शमीम परवेज,फ़ैज़ अकरम,अभिषेक श्रीवास्तव,शाह अफजल,डॉक्टर विशाल,वेद प्रकाश,नसबुलेंन, रजत कुमार,इफ्तेखार इल्म,सहित सैकड़ो युवा है ।

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