‘बुनियाद टैलेंट सर्च :एक ऐसी तालीमी मुहिम जो पूर्वांचल के लोगों के दिलों की आवाज़ बन चुकी है

मो सुहैब  खान ,  मुजीबुल्लाह कलीम , वहीदुल हसन खान , जमाल सिद्दीकी , अब्दुर्रशीद   ऐसे नाम हैं जिनकी सरगर्मियां इस मुहीम को नई बुलंदी अता कर रही है .‘बुनियाद’ रुपी इस ईमारत की ’ नीवं’ में अगर अब्दुल वहीद खान के कीमती ताजर्बात , रिटायर्ड IAS  नूर मुहम्मद, जामिया मिल्लिया इस्लामिया के पूर्व रजिस्ट्रार जाहिद हुसैन खान के मुफीद मशविरे, मुंबई हाई कोर्ट के वकील अफरोज अहमद का सहयोग  , Cadiz Pharmaceuticals के डायरेक्टर  जुबैर अहमद की प्लानिंग स्ट्रेटेजी और पी सी एस  ऑफिसर सर्वजीत का साथ न होता तो शायद बुनियाद  की जड़ें इतनी मज़बूत न हो पातीं

Ashraf Ali Bastavi

नई दिल्ली (एशिया टाइम्स / अशरफ अली बस्तवी)  उर्दू  के मशहूर शायर ‘मजरूह सुल्तानपुरी’ का यह शेर

“ मै अकेला ही चला था जानिबे मंजिल मगर : लोग साथ आते गए और कारवां बनता गया” तो आप सब ने सैकड़ों बार खुद दोहराया होगा, अगर नहीं तो लोगों को दोराते ज़रूर सुना होगा , लेकिन ऐसा बहुत  कम होता है की लोग शायर की पुकार को सच साबित करने के लिए उठ खड़े हों. लेकिन जो लोग  यह हौसला कर लेते हैं कामयाबी उनका क़दम चूम लेती है .ऐसी ही एक कामयाब कोशिश उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल में हमें देखने को मिल रही है जो अब कारवां की शकल अख्तियार  कर गई है .

जी हाँ हम बात कर रहे हैं “ बुनियाद  टैलेंट सर्च आज से 5 साल पहले संत कबीर नगर जिले के तप्पा उजिआर इलाके में तप्पा उजिआर की धरती से निकल कर दुनिया को प्रसार का ज्ञान देने वाले  Indira Gandhi National Open Universty के पूर्व कुलपति , (UNESCO) के पूर्व ADG  ‘अब्दुल वहीद खान’ ने क्वालिटी एजुकेशन की ओर लोगों का ध्यान केन्द्रित किया और बतया की कामयाबी सिर्फ डिग्री हासिल करने से नहीं बल्कि क्वालिटी एजुकेशन से मिलती है.

अब्दुल वहीद खान  का इंटरव्यू  देखें :

हैरत अंगेज़ नतीजे देख लोगों का बदला नजरिया

शुरुआत में लोगों को समझा पाना आसान नहीं था , लेकिन समय के साथ इसके  हैरत अंगेज़ नतीजों ने सब को क्वालिटी एजुकेशन का फायेदा समझा दिया , AMU , BHU , NMTSE में लगातार मिलने वाली बड़ी कामयाबी से लोग हैरान हो गए की और बच्चों के अभिभावकों में गज़ब का हौसला  बढ़ा . और देखते देखते यह एक छोटी सी मगर संजीदा कोशिश ने पूरे मंज़र को तब्दील कर दिया है . तप्पा उजिआर के युवाओं में जोश और जज्बा भर दिया  है और कुछ कर गुजरने की ललक पैदा हो उठी है  दरअसल यही इस मुहिम की सबसे बड़ी कामयाबी है .

आखिर कौन लोग निभा रहे हैं अहम रोल

तप्पा उजिआर के वो युवा जो देश दुनिया में अपने अपने प्रोफेशन में सरगर्म हैं अपनी धरती पर होने वाली इस बेमिसाल तब्दीली की  कोशिश का हिस्सा बनते चले गए . देखते ही देखते ‘बुनियाद’ ‘एक कारवां बन गया और अब इसका दायेरा बढ़ता ही जा रहा है ,

ख़ुशी की बात है की इलाके  में क्वालिटी एजुकेशन हासिल करने ,और क्वालिटी एजुकेशन देने की प्रतिस्पर्धा पैदा हो गई है .

दस बारह स्कूल से अब इस दस्ते में 70 से अधिक स्कूल जुड़ चुके हैं ,

क्या है बुनियाद टैलेंट सर्च ?

बुनियाद के चीफ कन्वेनर मुहम्मद सुहैब खान  ने एशिया टाइम्स को बताया “ वास्तविक रूप से यह एक प्रतिभा प्रोत्साहन अभियान है , जिसे 2012 में बुनियाद फाउंडेशन ने संत कबीर नगर उत्तर प्रदेश के तप्पा उजियार से शुरू किया था अब इसका  दायेरा बढ़ रहा है आप पास के जिलों में भी यह मॉडल अपनाने  के लिए  लोग  आगे आ रहे हैं . बहुत जल्द इसे  बस्ती , सिद्धार्थनगर और  बलरामपुर में भी  वहाँ के सरगर्म लोग  शुरू कर रहे हैं हम उनको प्रश्न पत्र की समेत और दीगर सहायता करेंगे   इसमें  क्लास  6, 7, 8 , 9 ,10  में पढ़ने वाले हर क्लास से 5 स्टूडेंट  भाग लेते हैं , मैथ ,साइंस , इंग्लिश , हिंदी और जनरल नॉलेज का टेस्ट लिया जाता है मेरिट में टॉप करने वाले  बच्चो को  आकर्षक पुरष्कार और सर्टिफिकेट दिया जाता है .इस टेस्ट ने अपनी गुणवत्ता को ऐसा स्थापित कर लिया है. इसमें कामयाब बच्चों  ने दूसरे टेस्ट में भी  बड़ी कामयाबी हासिल की है, बच्चों में एतेमाद पैदा करना इसका असल मकसद है और हम इस में बड़ी हद तक कामयाब हुए हैं .

Al Huda Public School Semriyawaan
Al Huda Public School Semriyawaan

स्कूलों में अच्छी शिक्षा देने का रुझान बढ़ा

 इस मुहीम की कामयाबी ने इलाके में क्वालिटी एजुकेशन हासिल करने की जानिब रुझान पैदा किया . स्कूलों ने अपने स्तर को ऊंचा उठाने की कोशिश की जिस के नतीजे में अलहदा पब्लिक स्कूल सेमरियावा, के के पब्लिक स्कूल टेमा रहमत, हैप्पी आल पब्लिक स्कूल, शान सेंट्रल अकैडेमी दुधारा , नूरुल करीम मेमोरियल पब्लिक स्कूल बढयामाफ़ी , एन के पब्लिक स्कूल तिल्जा , अल्हिरा ग्लोबल अकैडमी सेमरियावा, प्रेमा  एजुकेशनल अकैडमी मेहदावल , मास्टर माइंड पब्लिक स्कूल बेलौहा , ज्ञानोदय मेहदावल , एम् एन पब्लिक स्कूल सोनौरा गौसी , अली हसन अन्तर कॉलेज पैडी, पूर्वांचल सेंट्रल अकैडमी अगया , क्यू एन डब्लू स्कूल तिल्जा , के बच्चों ने बुनियाद टैलेंट सर्च में कामयाबी के परचम  लहराया .

मिलने वाले डोनेशन की ट्रांसपेरेंसी का पूरा रखा जाता है ख्याल

हर साल प्रोग्राम से तीन तीन माह पूर्व एक बार सोशल मीडिया पर उस साल आने वाले खर्च की माली मदद हासिल करने की एक अपील की जाती है और पिछले साल के खर्च की डिटेल सब के सामने पेश कर दी जाती है लोग  बढ़ चढ़ कर अपना डोनेशन पेश करते हैं जिस में युवा पीढ़ी सबसे आगे नज़र आती है. इस में बुनियाद टीम के गल्फ से  सरगर्म मेम्बर  जमाल सिद्दीकी पेश पेश नज़र आते हैं , जबकि  मुकामी सतह पर मुजीबुल्लाह कलीम साहब का रोल  काफी अहम होता है . सुहैब  खान का Test Methodology तैयार करने में अहम किरदार निभाते हैं .

नवजवानों में है गज़ब का जोश

इग्नू के पूर्व वाईस चांसलर अब्दुल वहीद खान की सरपरस्ती, और  मो सुहैब  खान के कुशल नेतृत्व में नौ निहालों के लिए वरदान साबित होने वाले इस तालीमी मिशन ने इलाके के  प्रोफेशनल नवजवानों में गज़ब का जोश बहार दिया है .  देश विदेश में कार्यरत युवा पीढ़ी अपनी कारोबारी मसरूफियत के बावजूद इस से जुड़ रहे हैं और बढ़ चढ़ कर माली मदद भी कर रहे हैं . मुंबई में रहने वालों की खास दिलचस्पी ने बुनियाद को  और मज़बूत किया है .

बुनियाद टीम

बुनियाद की एग्जीक्यूटिव टीम में मो सुहैब  खान ,  मुजीबुल्लाह कलीम , वहीदुल हसन खान , जमाल सिद्दीकी , अब्दुर्रशीद   ऐसे नाम हैं जिनकी सरगर्मियां इस मुहीम को नई बुलंदी अता कर रही है .‘बुनियाद’ रुपी इस ईमारत की ’ नीवं’ में अगर अब्दुल वहीद खान के कीमती ताजर्बात , रिटायर्ड IAS  नूर मुहम्मद, जामिया मिल्लिया इस्लामिया के पूर्व रजिस्ट्रार जाहिद हुसैन खान के मुफीद मशविरे, मुंबई हाई कोर्ट के वकील अफरोज अहमद का  सहयोग  , Cadiz Pharmaceuticals के डायरेक्टर  जुबैर अहमद की प्लानिंग स्ट्रेटेजी और पी सी एस  ऑफिसर सर्वजीत का साथ न होता तो शायद बुनियाद  की जड़ें इतनी मज़बूत न हो पातीं . इनके इलावा ऐसे सैकड़ों लोग हैं जो इस मुहीम का  हिस्सा हैं  जिनका नाम  यहाँ  नहीं दर्ज नहीं  हो सका है . आइये  हम सब समाज को मज़बूत  करने  की इस  ‘प्रतिभा प्रोत्साहन अभियान’ का हिस्सा बनें .

वर्ष 2018 के टेस्ट में अभी भी शामिल होने का है अवसर

इस बार यह परीक्षा 28 जनवरी को आयोजित होगी और नतीजे ४ फरवरी को घोषित किया जायेगा , जो इस में शामिल होना चाहते हैं  23 जनवरी शाम ४ बजे तक आवेदन जमा कर सकते हैं . और पुरष्कार वितरण प्रोग्राम 11 फरवरी को होगा .

अभी भी वक़्त है फॉर्म भरना चाहते हैं ?

यहाँ संपर्क करें

मोबाइल : 9792575792/99363000825/97925354/9919210922

E mail : buniyaad01@gmail.comwww.buniyaadindia.org

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