जल प्रदूषण की रोक थाम के लिए शोध कर रहे हैं अबु दरदा

Awais Ahmad

भारत सरकार ने देश की नदियों को साफ के लिए प्रयासरत है और इसी तहत अलग अलग योजनाओं के तहत नदियों की सफाई का काम किया जा रहा है। इलाहाबाद से होकर गुजरने वाली गंगा की सफाई का काम भी ज़ोर शोर से चल रहा है। इलाहाबाद में सात सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बना कर गंगा की सफाई का काम चल रहा है। यहां सिर्फ एक प्लांट से कम से कम 27 करोड़ लीटर नाले का पानी प्योरीफाई करने का काम किया जा रहा है। गंगा की सफाई के लिए इलाहाबाद में गंगा सेवा मित्र और स्वच्छता दूत भी बनाए गए हैं। इलाहाबाद के रहने वाले अबु दरदा भी नदियों के पानी की सफाई को लेकर जामिया मिल्लिया इस्लामिया में शोध कर रहे है।

दूषित पानी से होने वाली इस तरह की बीमारियों की रोकथाम के लिए जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी के शोधछात्र अबु दरदा ने नैनो तकनीकी का स्तेमाल करके एक नैनो कम्पोज़िट बनाया है।

शोध छात्र अबु दरदा ने बताया कि नदियों का पानी पीने के लिए इस्तेमाल में लाया जाता है और नदियों के पानी  मे टॉक्सिक हैवी मेटल (हानिकारक तत्व) लेड, आर्सेनिक, कॉपर, मर्करी, जिंक, कैडमियम, (Suspended Particals)सस्पेंडेड पार्टिकल्स, ऑर्गेनिक मैटर (Organic Matter) एवम पेस्टीसाइड मौजूद होते है। जिसकी पानी में मात्रा अधिक हो जाने पर कई बीमारियां जैसे कैंसर, स्किन कैंसर, दिल सम्बंदिध बीमारियां पैदा हो जाती है।

अबु दरदा जामिया के अपलाईड साइंस एंड हयूमैनिटिज़ डिपार्टमेंट में प्रोफ़ेसर विकार अहमद सिद्दीक़ी के सुपरविज़न में शोध कर रहे हैं। अबु दरदा ने अपनी शोध के बारे में बात करते हुए बताया कि उन्होंने आधुनिक नैनो तकनीकी के ज़रिए नैनो कम्पोज़िट (GG/METH-MMt) बनाया है। जिसमें गॉवार्गम पॉलीमर,मिथ्योनाइन और मोंट मोरिलो नाईट मौजूद है। जो ऐडज़ोरप्शन प्रक्रिया के द्वारा हानिकारक मेटल आयन एवं पेस्टीसाइड को अपनी ऊपरी सतह पर बंध बनाकर प्रदूषित पानी से अलग कर देता है। जिससे पानी से होने वाले  कैंसर, स्किन कैंसर, दिल सम्बंदिध कई बीमारीयों की संभावनाओं को कम किया जा सकता है।

अबु दरदा ने अपने शोध कार्य को भारत के विभिन्न विश्वविद्यालयों में प्रदर्शित किया जिसमें उनके शोध कार्य की सराहना की गई। जिनमे 2016 में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस बेंगलुरू में 6वीं इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन मेटल्स इन जेनेटिक्स, केमिकल बायोलॉजी एंड थेराप्यूटिकस, 2017 में इलाहाबाद विश्वविद्यालय में इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन इमरजिंग मैटेरियल एंड एप्लिकेशन,2019 में एएमयू में आयोजित इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन केमिस्ट्री, इंडस्ट्री एंड एनवॉयरमेंट में अपना शोध कार्य प्रदर्शित किया इस अलावह 2019 में जामिया मिल्लिया इस्लामिया में आयोजित इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन एडवांस मैटेरियल में भी अपने शोध कार्य को प्रदर्शित किया। नेशनल लेवल पर एएमयू में नेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन रिसेंट एडवांसेस इन केमिकल साइंस, मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय में नेशनल साइंस डे पर साइंस एंड टेक्नोलॉजी फ़ॉर बेटर टुमारो में बेस्ट ओरल का अवार्ड हासिल किया था। 2019 में इलाहाबाद विश्वविद्यालय में इंडियन साइंस कांग्रेस एसोसिएशन द्वारा आयोजित नेशनल सेमिनार ऑन फ्यूचर इंडिया : साइंस एंड टेक्नोलॉजी में अपने शोध कार्य को प्रदर्शित किया था।

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