बाबरी मस्जिद फैसला: इस फैसले पर वर्ल्ड मीडिया में भी काफी चर्चा रही

Asia Times Desk

नई दिल्ली : सालों पुराने अयोध्या-बाबरी मस्जिद विवाद पर देश की शीर्ष अदालत के फैसले से जुड़ी खबरें दुनियाभर के मीडिया में प्रमुखता से प्रकाशित हुई । इस फैसले को वर्ल्ड मीडिया में भी काफी चर्चा रही।

अमेरिकी अखबार वॉल स्ट्रीट ने लिखा, “सुप्रीम कोर्ट ने विवादित स्थल का नियंत्रण मोदी सरकार को दे दिया । अखबार ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला भारत की राजनीतिक और सामाजिक संरचना को आकार देने का काम करेगा,भाजपा ने इसका इस्तेमाल सबसे प्रभावी तरीके से किया। अखबार ने लिखा विवादित स्थल का नियंत्रण हासिल करना हिंदू राष्ट्रवादियों का दशकों पुराना एजेंडा रहा है.

अमेरिकी अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स ने कहा, “सुप्रीम कोर्ट के फैसले से हिंदुओं को उस जगह मंदिर बनाने की अनुमति मिली, जहां पहले मस्जिद हुआ करती थी। हिंदुओं ने इसकी योजना 1992 के बाद तैयार कर ली थी, जब बाबरी मस्जिद गिराई गई थी।

अमेरिकी अखबार वॉशिंगटन पोस्ट ने कहा कि दशकों पुराने विवाद में यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बड़ी जीत है। अखबार ने कहा कि राम के लिए विवादित स्थल पर मंदिर बनाना लंबे वक्त से भाजपा का उद्देश्य था।

अखबार ने लिखा, “भारत की शीर्ष अदालत ने देश के सबसे विवादित धार्मिक स्थल को ट्रस्ट को देने का आदेश दिया और जिस जगह कभी मस्जिद हुआ करती थी, उस जगह हिंदू मंदिर के निर्माण का रास्ता साफ कर दिया।”

ब्रिटिश अखबार गार्जियन ने इसे प्रधानमंत्री मोदी और भारतीय जनता पार्टी की बड़ी जीत बताया। अखबार ने लिखा कि अयोध्या में राम मंदिर बनाना उनके राष्ट्रवादी एजेंडे का हिस्सा रहा है।अखबार ने कहा कि 1992 में मस्जिद ढहाया जाना भारत में सेकुलरिज्म के नाकाम होने का बड़ा लम्हा  था

बीबीसी ने लिखा कि अयोध्या पर भारत में एक बड़ा फैसला आया है। बाबरी मस्जिद के गुंबद की जगह हिंदू पक्ष को सुप्रीम कोर्ट ने सौंप दी है. आने वाला वक्त बताएगा कि दोनों समुदायों में किस तरह से सौहार्द का वातावरण बनाया जाता है।

अल जजीरा ने  इसे भाजपा के अभियान की जीत लिखा, अल जजीरा लिखता है “भाजपा ने अयोध्या में मंदिर के लिए सालों अभियान चलाया . उम्मीद है कि यह फैसला सालों के गुस्से और मतभेद भरी कानूनी लड़ाई का अंत करेगा ।”

गल्फ न्यूज लिखता है, “134 साल का विवाद 30 मिनट में सुलझा लिया गया। हिंदुओं को अयोध्या की जमीन मिलेगी। मुस्लिमों को मस्जिद के लिए वैकल्पिक जमीन दी जाएगी।”

पाकिस्तानी अखबार द डॉनने लिखा, “भारत की सुप्रीम कोर्ट ने उस विवादित स्थल पर, जहां हिंदुओं ने 1992 में मस्जिद गिराई थी हिंदुओं के पक्ष में फैसला सुना दिया और कहा कि अयोध्या की जमीन पर मंदिर बनाया जाएगा. कोर्ट के फैसले से भारत के हिंदू-मुस्लिमों के बीच भारी हुए संबंधोंं पर बड़ा असर पड़ सकता है।”

पाकिस्तान के द ट्रिब्यून ने अपनी खबर में सरकार और विदेश मंत्रालय के बयानों का जिक्र किया। इसमें विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी के हवाले से कहा गया कि भारत के मुस्लिम पहले से काफी दबाव में हैं। सुप्रीम कोर्ट के फैसले से उन पर दबाव बढ़ेगा.

 

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