जामिया की चांसलर हेपतुल्ला ने विश्वविद्यालय में वाॅल आॅफ हीरोज़ का उद्घाटन किया, 102 फुट ऊँचा तिरंगा फहराया

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   जामिया मिल्लिया इस्लामिया की चांसलर के तौर पर आज पहली बार जेएमआई आईं, मणिपुर की राज्यपाल डा नजमा हेपतुल्ला विश्वविद्यालय में 102 फुट ऊँचे राष्ट्रीय ध्वज, परम वीर चक्र से सम्मानित शूरवीरों के चित्रों वाले ‘‘वाॅल आॅफ हीरोज़‘‘ और इस संस्थान के संस्थापकों एवं सहयोगियों की फोटुओं वाले ‘‘वाॅल आॅफ फाउंडर्स‘‘ का उद्घाटन करते समय काफी भावुक हो गईं।

इस अवसर पर अपनी नम आंखों को बार बार पोछते हुए उन्हांेने कहा, ‘‘ जामिया मिल्लिया मेरे खून में है। मेरे नाना अबुल कलाम आज़ाद का भी इसे बनाने में बड़ा योगदान है। जामिया मिल्लिया राष्ट्रवादी आंदोलन की मुहिम का हिस्सा है।  जेएमआई की स्थापना आज़ादी के लड़ाई से जुड़ी है और गांधी जी के असहयोग आंदोलन के आह्वान पर ब्रिटिश शिक्षा के विरोध एवं विकल्प के रूप में इसकी स्थापना हुई।‘‘

एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को वह जामिया मिल्लिया इस्लामिया ज़रूर बुलाएंगी और ‘सबका साथ, सबका विकास‘ के उनके विचार को आगे बढ़ाएंगी।‘‘

चांसलर हेपतुल्ला ने कहा, ‘‘ जिस मक़सद के लिए जामिया मिल्लिया बना, जिस राष्ट्रवाद की बुनियाद पर यह खड़ा हुआ, उस जज़्बे को मैं सलाम करती हूं।‘‘    उन्होंने इस बात पर खुशी ज़ाहिर की कि जिस इरादे को लेकर जेएमआई की बुनियाद डाली गई, आज़ादी के 75 साल बाद भी वह अपने ‘‘ राष्ट्रवाद और देश की एकता अखंडता जैसे मूल्यों के साथ आगे बढ़ रहा है।‘‘

इस मौक़े पर वाइस चांसलर आफिस परिसर में 102 फुट ऊँचे धातु के खंभे पर 30 फुट लंबे और 20 फुट चैड़े राष्ट्रीय ध्वज को फहरा कर उन्होंने उसका उद्घाटन किया।

डा हेपतुल्ला राष्ट्रीय ध्वज फहराने के साथ ही विश्वविद्यालय की डा ज़ाकिर हुसैन लाइब्रेरी में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में ‘‘वाॅल आॅफ हीरोज़ ‘‘ का भी उद्घाटन किया जिसपर देश के  अब तक के 21 परम वीर चक्र से सम्मानित शूरवीरों के चित्र लगाए गए हैं।

‘‘ वाॅल आॅफ हीरोज़ ‘‘ के सामने वाली दीवार पर ‘‘ वाॅल आॅफ फाउंडर्स ‘‘ भी बनाया गया है जिसपर लगभग एक सदी पुराने इस विश्वविद्यालय के संस्थापकों और सहयोगियों के चित्र हैं। इनमें महात्मा गांधी, पंडित जवाहर लाल नेहरू, मौलाना मुहम्मद अली जौहर, अबुल कलाम आज़ाद और ज़ाकिर हुसैन आदि के चित्र शामिल हैं।

डा हेपतुल्ला के साथ भाजपा नेता तरूण विजय भी आए थे जिनके सुझाव पर शिक्षा संस्थानों में ‘‘वाॅल आॅफ हीरोज़ ‘‘ के चित्र लगाए जा रहे हैं।

वाइस चांसलर प्रो तलत अहमद ने हेपतुल्ला का स्वागत करते हुए कहा, ‘‘ आज बड़ा शुभ और खुशी का दिन है कि चांसलर बनने के बाद आप पहली बार विश्वविद्यालय आई हैं। जेएमआई को अपनी चांसलर से बहुत उम्मीदें हैं।‘‘

मणिपुर की राज्यपाल ने कहा कि वह पूर्वोत्तर के दो अन्य विश्वविद्यालयों की चांसलर हैं और चाहेंगी कि इन दोनों का जेएमआई के मास काम विभाग और सेंटर फाॅर नार्थ ईस्ट स्टडीज़ सेंटर से तालमेल बिठाया जाए।

डा हेपतुल्ला जेएमआई के डीन, विभाग प्रमुखों और केन्द्रों के डायरेक्टरों से भी अकादमिक चर्चा की ।

उल्लेखनीय है कि पिछले महीने जेएमआई के कोर्ट ने अपनी एक विशेष बैठक में डा हेपतुल्ला को सर्वसम्मत्ति से विश्वविद्यालय का चांसलर नियुक्त किया था।    इस मौक़े पर जेएमआई के प्रेमचंद आर्काइव एंड लिटरेरी सेंटर की निदेशक सबीहा अंजुम ज़ैदी ने विश्वविद्यालय के इतिहास के बारे में विस्तार से बताया।

कार्यक्रम में बड़ी तादाद में छात्र, अध्यापक और जेएमआई के कर्मचारी उपस्थित थे।


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