किम जोंग लैंड कर गया छत्तीसगढ़ के कोरिया में

रविश कुमार

एशिया टाइम्स

एक दिन की बात है। किम जोंग अपनी मिसाइल पर बैठा कहीं जा रहा था। अचानक आसमान में कोहरा बढ़ा तो रास्ता दिखना बंद हो गया। माचिस जला नहीं सकता था काहे कि मिसाइल पर बैठा था।

किम जोंग ने गूगल मैप में कोरिया डाला और उसका जहाज़ रायपुर में लैंड कर गया। वहां से उसने ओला लिया और उसकी कार पहुंच गई कोरिया। गूगल वाली बोली वेलकम टू कोरिया। टेक 180 किमी स्ट्रेट। देन आफ्टर यू टर्न, बिहाइंड सरगुजा, देअर इज़ अ कोरिया।

जैसे ही वहां पहुंचा, बहुतों ने पहचान लिया। किमवा को बुझा ही नहीं रहा था कि कहां आ गए हैं। ये लोग कैसे पहचान रहीस है। लेकिन पाब्लिक तो पाब्लिक होती है। मिसाइल से आया था, हेलिकाप्टर समझ लिया। लगा कि कोई वीआईपी होगा। जनता बोल उठी कि हुज़ूर का कोरिया में स्वागत है। हम तो आपको रोज़ देखते हैं। टीवी पर आते हैं।

सुनते ही किम जोंग डर गया। हम तो यहां पहली बार आए हैं, इ सब हमको अइसे चिनता है जैसे ससुरारी हो। खिसिया गया। बोला कि चुप करो बे, मैं कोरिया का मालिक हूं। जनता बोली कि हुज़ूर इहां जो आता है न वही अपने को मालिक कहता है। हम लोग भी मालिक समझ लेते हैं। मालिक बुझने में कुछ नहीं जाता। वैसे हम लोग इसी कोरिया के प्रजा है।

कौनो कंपनी का ठेका मिला है क्या? बस किमवा का ईगो हर्ट हो गया। लेकिन रात बिरात के टाइम में अनजान लोकेशन पर किससे झगड़ा करता। प्यार से बात करने लगा।

तुम लोग साउथ कोरिया के हो या नार्थ कोरिया के। हम कभी देखे नहीं। हिन्दी कब सीख लिए। प्रजा बोली कि हम गोंड भी बोलते हैं लेकिन आपको हिन्दी चैनल पर देखे तो हिन्दी बोल रहे हैं। प्राब्लम है, हम लोग इंग्लिश भी जानते हैं।

जानते हो क्या हुआ फिर, किम जोंगवा बाल नोचने लगा। साइड वाला तो नोचाइये गया था, बीच में बचा था, ओकरे नोचने लगा। उसने हिन्दी न्यूज़ चैनलों के एडिटर को फोन लगा दिया। बोला, क्या मैं तुम्हारे दर्शकों का नेता हूं, ये लोग मुझे कैसे जानते हैं?

एडिटर बोला कि अरे तुमसे टीआरपी आती है तो हम दिखाते हैं। तुम्हारा मिसाइल दिखाते हैं बस दर्शक आंख फोड़ के टीवी देखने लगता है। चुपके से पेट्रोल 80 रुपया लीटर कर देते हैं और बेरोज़गार सबको वेकैंसी की जगह मिसाइल का सपना दिखा देते हैं।

किम जोंग बोला कि जब तुम्हारे पास अपना कोरिया है तो मेरा कोरिया क्यों दिखाते हो। एडिटर को पता नहीं था, उसने कह दिया कि तुम्हारा कोरिया, तुम्हारे पास है। हमारे पास कोई कोरिया नहीं है। हम का जाने। जहां से आए हो, वहां चल जाओ, वरना इंडिया में ऐसे भी हैं कि तुम पर अखंड भारत का हिस्सा होने का दावा कर देंगे। इस कोरिया को उस कोरिया से मिला देंगे। उधर तो तुम मिसाइल छोड़ रहे हो, इधर आई टी सेल में भर्ती हो जाओगे। पता है न मोदी जी का ट्रंप से कैसा रिलेशन है।

छत्तीसगढ़ में भी एक कोरिया है। बक़ायदा ज़िला है। जिसकी एक वेबसाइट है, जिसे क्लिक करने पर कुछ ख़ास पता नहीं चलता है। इतिहास थोड़ा बहुत है मगर पारदर्शिता के नाम पर भा प्र से जी का फोटो है और कुछ ख़ास नहीं। ख़ैर, उससे पता चला कि भारत के इस कोरिया का इतिहास 1600 से पता चलता है। आज़ादी से पहले कोरिया एक स्वतंत्र राज्य था जिसके राजा ने गोल मेज सम्मेलन में हिस्सा लिया था। इस समय कोरिया एक ज़िला है।

हमने नई दुनिया और भास्कर की साइट से कोरिया ज़िला की ख़बरें संकलित की हैं ताकि पता चले कि हमारे कोरिया में क्या हो रहा है

कोरिया ज़िले में कन्या जन्म दर में 10 प्रतिशत की गिरावट आई है। चार साल से लिंग अनुपात में लगातार कमी आ रही है। वर्ष 2013-14 में 501 लड़कियां कम थीं। 2016-17 में 511 लड़कियां कम पैदा हुई। भास्कर की ख़बर है।

फरवरी 2016 में एक बकरी ने एक जज की कोठी की घास चर ली। पुलिस ने बकरी और बकरी के मालिक को गिरफ्तार कर लिया। नई दुनिया।

अगस्त 2017 में खेत में खड़े पेड़ से पति-पत्नि एक साथ फांसी पर झूल गए।
(नई दुनिया)

नवंबर 2017 को एक युवती अपनी ही दुकान में फांसी पर लटक गई।
(नई दुनिया)

कोरिया में 22 जनवरी को राज्य स्तरीय रामचरित मानस गायन प्रतियोगिता हो रही है। (नई दुनिया)

ओदारी नदी में अवैध खनन का काम चल रहा है। पांच डंपर पकड़े गए हैं और एक पोकलेन मशीन ज़ब्त हुई है। (नई दुनिया)

कोरिया के लोग परेशान हैं। हम इंडिया के कोरिया हैं तो हमारा दिखाता नहीं है ये सब। विदेश का कोरिया दिन भर टीवी पर चल रहा है। यही मेक इन इंडिया है मोदी जी। तनी बताइये तो।

रविश कुमार

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