उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए शनिवार सुबह 10 बजे संसद में मतदान शुरू हो गया. चुनाव में मुकाबला केंद्र में सत्ताधारी एनडीए (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) के उम्मीदवार एम वेंकैया नायडू और कांग्रेस की अगुवाई वाले संयुक्त विपक्ष के प्रत्याशी गोपालकृष्ण गांधी के बीच है.

हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक देश का 15वां उपराष्ट्रपति कौन बनने जा रहा है इसका नतीज़ा आज शाम को ही घोषित हो जाएगा. हालांकि फिलहाल पलड़ा नायडू की तरफ झुका हुआ लग रहा है. उपराष्ट्रपति चुनने के लिए संसद के दोनों सदनों के सदस्य मतदान कर रहे हैं. दोनों सदनों के कुल 785 सदस्यों में से नायडू को 514 वोट मिलने की संभावना है. जबकि गांधी को 271 के आसपास ही वोट मिलने का अनुमान ज़ताया जा रहा है.

हालांकि द इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक शुक्रवार को एनडीए सांसदों के लिए आयोजित कार्यशाला के नतीज़ों को सही मानें तो नायडू की जीत के अंतर में 15-16 वोट कम भी हो सकते हैं. अख़बार के मुताबिक इस कार्यशाला के दौरान मतदान प्रक्रिया समझाने के लिए दिए गए प्रजेंटेशन के बाद सभी सांसदों से ‘डमी वोटिंग’ कराई गई. लेकिन इसके बावज़ूद 15-16 सांसदों ने ऐसी ग़लतियां कर दीं जिससे उनका वोट ‘अवैध’ घोषित हो गया.

सूत्रों के मुताबिक एनडीए सांसदों ने अलग-अलग किस्म की ग़लतियां कीं. मसलन- छह के वोट पूरी तरह ग़लत थे. जबकि पांच ने नए मतपत्र मांग लिए. इसके अलावा पांच सांसदों ने ऐसी ग़लतियां कीं जिनके आधार पर विपक्ष उनका वोट अवैध घोषित करा सकता है. बताया जाता है कि इससे ख़फा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने सांसदों से साफ तौर पर कहा कि यह ‘स्थिति बेहद शर्मनाक है.’

बहरहाल इसके बावज़ूद नायडू की जीत तय मानी जा रही है. इसके संकेत भी मिलने लगे हैं. जैसे कि राज्य सभा में शुक्रवार की कार्यवाही के दौरान सदन के उपसभापति पीजे कुरियन की टिप्पणी. निज़ी सदस्यों के कामकाज़ के निर्धारित समय के दौरान बने थोड़े हल्के-फुल्के माहौल के दौरान कुरियन ने कहा, ‘वह (नायडू) मेरे सभापति बनने वाले हैं.’ ध्यान दिलाते चलें कि उपराष्ट्रपति राज्य सभा के पदेन सभापति भी होते हैं.